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निजी अस्पतालों को 20 से 40 बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए रखने होंगे आरक्षित
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अमृतसर में स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए निजी अस्पतालों को अपने साथ जोड़ने का फैसला किया है। जिले के सभी निजी अस्पतालों को बीस से चालीस बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन बेड का प्रयोग उस स्थिति में किया जाएगा जब सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से बेड कम पड़ जाएंगे।
गुरु नगरी में कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। यहां 1136 संक्रमित रिपोर्ट हो चुके हैं। महामारी अभी बढ़ेगी या थमेगी, यह भविष्य के गर्भ में है, पर स्वास्थ्य विभाग ने संभावित खतरे को भांपते हुए निजी अस्पतालों का सहारा लिया है। जिले के निजी अस्पतालों की बाकायदा सूची तैयार कर ली गई है। निजी अस्पतालों में इलाज की मद में खर्च होने वाली राशि केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार होगी।
सिविल सर्जन डॉ. नवदीप सिंह ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में बेड कैपिसिटी कम होने की सूरत में निजी अस्पतालों में मरीज भेजे जाएंगे। निजी अस्पतालों को बीस से चालीस प्रतिशत तक बेड आरक्षित रखने होंगे। आईसीयू व वेंटिलेटर भी कोरोना मरीज के लिए उपलब्ध करवाने होंगे। जिले में कुछ अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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संक्रमितों की मौतों का रिव्यू शुरू
जिले में कोरोना संक्रमण से 56 मौतें हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन मौतों का रिव्यू किया जा रहा है कि क्या वाकई इनकी मौत की वजह कोरोना बना। सिविल सर्जन ने कहा कि जो लोग मौत की आगोश में चले गए, वे कई अन्य बीमारियों का शिकार थे। इन बीमारियों की वजह से उनकी मृत्यु स्वाभाविक थी, लेकिन उनके साथ कोरोना संक्रमण भी जुड़ गया। मौतों की वजह से लोगों में दहशत है। जिला परिवार भलाई अधिकारी डॉ. रबिंदर सिंह सेठी पर आधारित कमेटी इन मौतों का रिव्यू कर रही है।
निजी लैब 2400 रुपये में करेंगे कोरोना टेस्ट
शहर की निजी लैब में भी कोरोना टेस्ट किया जा सकेगा। आईसीएमआर द्वारा प्रमाणित निजी लैब को एक टेस्ट की एवज में 2400 रुपये अदा करने होंगे। निजी लैब को टेस्ट करने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय से बाकायदा स्वीकृति लेनी होगी। इससे पहले अमृतसर में तीन लैब में कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व में इस टेस्ट का रेट 4500 रुपये निर्धारित किया था, लेकिन अब नई गाइडलाइन के अनुसार 2400 रुपये में टेस्ट किया जाएगा। सिविल अस्पताल में एंटीजन टेस्ट की शुरुआत हो चुकी है। एंटीजन टेस्ट के लिए एक हजार किट्स अस्पताल को मिली हैं। इस टेस्ट से महज पंद्रह मिनट में ही रिपोर्ट प्राप्त होगी।
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गुरु नगरी में कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। यहां 1136 संक्रमित रिपोर्ट हो चुके हैं। महामारी अभी बढ़ेगी या थमेगी, यह भविष्य के गर्भ में है, पर स्वास्थ्य विभाग ने संभावित खतरे को भांपते हुए निजी अस्पतालों का सहारा लिया है। जिले के निजी अस्पतालों की बाकायदा सूची तैयार कर ली गई है। निजी अस्पतालों में इलाज की मद में खर्च होने वाली राशि केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार होगी।
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सिविल सर्जन डॉ. नवदीप सिंह ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में बेड कैपिसिटी कम होने की सूरत में निजी अस्पतालों में मरीज भेजे जाएंगे। निजी अस्पतालों को बीस से चालीस प्रतिशत तक बेड आरक्षित रखने होंगे। आईसीयू व वेंटिलेटर भी कोरोना मरीज के लिए उपलब्ध करवाने होंगे। जिले में कुछ अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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संक्रमितों की मौतों का रिव्यू शुरू
जिले में कोरोना संक्रमण से 56 मौतें हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन मौतों का रिव्यू किया जा रहा है कि क्या वाकई इनकी मौत की वजह कोरोना बना। सिविल सर्जन ने कहा कि जो लोग मौत की आगोश में चले गए, वे कई अन्य बीमारियों का शिकार थे। इन बीमारियों की वजह से उनकी मृत्यु स्वाभाविक थी, लेकिन उनके साथ कोरोना संक्रमण भी जुड़ गया। मौतों की वजह से लोगों में दहशत है। जिला परिवार भलाई अधिकारी डॉ. रबिंदर सिंह सेठी पर आधारित कमेटी इन मौतों का रिव्यू कर रही है।
निजी लैब 2400 रुपये में करेंगे कोरोना टेस्ट
शहर की निजी लैब में भी कोरोना टेस्ट किया जा सकेगा। आईसीएमआर द्वारा प्रमाणित निजी लैब को एक टेस्ट की एवज में 2400 रुपये अदा करने होंगे। निजी लैब को टेस्ट करने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय से बाकायदा स्वीकृति लेनी होगी। इससे पहले अमृतसर में तीन लैब में कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व में इस टेस्ट का रेट 4500 रुपये निर्धारित किया था, लेकिन अब नई गाइडलाइन के अनुसार 2400 रुपये में टेस्ट किया जाएगा। सिविल अस्पताल में एंटीजन टेस्ट की शुरुआत हो चुकी है। एंटीजन टेस्ट के लिए एक हजार किट्स अस्पताल को मिली हैं। इस टेस्ट से महज पंद्रह मिनट में ही रिपोर्ट प्राप्त होगी।