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Amritsar News: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 8.50 लाख की ठगी, एक गिरफ्तार
Sun, 10 Sep 2023 07:48 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Sun, 10 Sep 2023 07:48 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरदासपुर। थाना कलानौर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 8.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी की इस घटना को अंजाम दिया। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
फतेहपुर राजपुरा निवासी सम्राट सिंह ने बताया कि उसके पिता सब्जी बेचकर घर का गुजारा चलाते हैं। इस दौरान आरोपी जोगिंदर सिंह निवासी निजामपुर ने कहा कि उसके पास एक एजेंट है, जो उसे नौकरी दिला सकता है। वह उसकी बातों में आकर एजेंट से मिलने के लिए तैयार हो गया। आरोपी ने उसे एजेंट हरजिंदर सिंह निवासी कलानौर के साथ मिला दिया। एजेंट ने उससे नौकरी दिलाने के लिए 6.50 लाख रुपये की मांग की। उसे झांसा दिया कि छह महीने में नौकरी लग जाएगी।
टीसी में भर्ती कराने के नाम पर और 2 लाख ठगे
उसने इधर-उधर से पैसे का इंतजाम कर आरोपियों को दे दिए। इस दौरान कहा गया कि उसे सुपरवाइजर भर्ती कराया जाना है। अगर वह दो लाख रुपये का इंतजाम और कर ले तो उसे रेलवे में टीसी भर्ती करा दिया जाएगा। इसके बाद उसने दो लाख रुपये और दे दिए। फिर उसे डाक के माध्यम से फर्जी पत्र भेजे जाने लगे। सितंबर 2019 में उसे ट्रेनिंग के लिए वाराणसी जाने को कहा गया। हालांकि, इस दौरान उसे पीजी में ठहरने को मना लिया गया। काफी समय तक ट्रेनिंग शुरू न होने पर आरोपी उसे झांसा देते रहे कि जल्द ही ट्रेनिंग सेशन शुरू होने वाला है।
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युवक को थमा दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
तीन माह बाद उसे धनबाद बिहार भेज दिया गया। वहां दो माह रखने के बाद कोरोना के कारण वापस बुला लिया गया। कोविड खत्म होने के बाद उसे फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कोलकाता भेज दिया गया। वहां उसे रेलवे विभाग पहुंचने पर पता चला कि उसका नियुक्ति पत्र फर्जी है। बाद में आरोपी नौकरी दिलाने से टालमटोल करने लगे। पुलिस ने आरोपी हरजिंदर सिंह निवासी कलानौर और जोगिंदर सिंह निवासी निजामपुर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया था। इनमें से जोगिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास किया जा रहा है।
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गुरदासपुर। थाना कलानौर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 8.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी की इस घटना को अंजाम दिया। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
फतेहपुर राजपुरा निवासी सम्राट सिंह ने बताया कि उसके पिता सब्जी बेचकर घर का गुजारा चलाते हैं। इस दौरान आरोपी जोगिंदर सिंह निवासी निजामपुर ने कहा कि उसके पास एक एजेंट है, जो उसे नौकरी दिला सकता है। वह उसकी बातों में आकर एजेंट से मिलने के लिए तैयार हो गया। आरोपी ने उसे एजेंट हरजिंदर सिंह निवासी कलानौर के साथ मिला दिया। एजेंट ने उससे नौकरी दिलाने के लिए 6.50 लाख रुपये की मांग की। उसे झांसा दिया कि छह महीने में नौकरी लग जाएगी।
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टीसी में भर्ती कराने के नाम पर और 2 लाख ठगे
उसने इधर-उधर से पैसे का इंतजाम कर आरोपियों को दे दिए। इस दौरान कहा गया कि उसे सुपरवाइजर भर्ती कराया जाना है। अगर वह दो लाख रुपये का इंतजाम और कर ले तो उसे रेलवे में टीसी भर्ती करा दिया जाएगा। इसके बाद उसने दो लाख रुपये और दे दिए। फिर उसे डाक के माध्यम से फर्जी पत्र भेजे जाने लगे। सितंबर 2019 में उसे ट्रेनिंग के लिए वाराणसी जाने को कहा गया। हालांकि, इस दौरान उसे पीजी में ठहरने को मना लिया गया। काफी समय तक ट्रेनिंग शुरू न होने पर आरोपी उसे झांसा देते रहे कि जल्द ही ट्रेनिंग सेशन शुरू होने वाला है।
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युवक को थमा दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
तीन माह बाद उसे धनबाद बिहार भेज दिया गया। वहां दो माह रखने के बाद कोरोना के कारण वापस बुला लिया गया। कोविड खत्म होने के बाद उसे फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कोलकाता भेज दिया गया। वहां उसे रेलवे विभाग पहुंचने पर पता चला कि उसका नियुक्ति पत्र फर्जी है। बाद में आरोपी नौकरी दिलाने से टालमटोल करने लगे। पुलिस ने आरोपी हरजिंदर सिंह निवासी कलानौर और जोगिंदर सिंह निवासी निजामपुर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया था। इनमें से जोगिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास किया जा रहा है।