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एक माह बाद भी नहीं हो सकी सीबीएसई, आईसीएसई और पीएसईबी स्कूलों की जांच
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एक माह बाद भी नहीं हो सकी सीबीएसई, आईसीएसई और पीएसईबी स्कूलों की जांच
स्टेशनरी, किताबें, यूनिफार्म व अन्य सामान विशेष दुकानों से लेने की शिकायत के बाद बनाई थी जिले में 15 कमेटियां
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों को स्टेशनरी, किताबें, यूनिफार्म व अन्य सामान विशेष दुकानों से खरीदने को लेकर जिला में शुरू की गई स्कूलों की जांच एक महीना बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। पंजाब के सीएम तक ऐसी शिकायतें पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस बारे में सख्त आदेश देते हुए इसके लिए कमेटियां गठित कर जांच के बाद रिपोर्ट देने को कहा था। जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे लेकर अप्रैल के दूसरे सप्ताह में 15 टीमें गठित कीं और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने की हिदायतें दी थीं, लेकिन अभी तक टीमें जिले में जांच का काम पूरा नहीं कर सकीं हैं।
गौर हो कि पिछले समय के दौरान सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई), इंडियन सर्टिफिकेट आफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) और पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (पीएसईबी) से जुड़े प्राइवेट स्कूलों की ओर से मनमर्जी से फीस में वृद्धि किए जाने की शिकायतें सरकार के पास पहुंची थीं। इन शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े प्राइवेट स्कूलों की ओर से परिजनों को विद्यार्थियों की किताबें, स्कूल यूनिफार्म और स्टेशनरी संबंधी अन्य सामान विशेष दुकानों से लाए जाने के लिए भी दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। इन शिकायतों के बाद ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के सभी प्राइवेट स्कूलों की जांच करवाए जाने के आदेश दिए थे।
जिला शिक्षा अधिकारी (एस.) जुगराज सिंह रंधावा ने बताया कि जिले के 720 स्कूलों की जांच की जानी है। इसके लिए 15 टीमें गठित की गई हैं। इनमें से प्रत्येक टीम में एक ब्लाक नोडल अधिकारी, एक स्कूल का प्रिंसिपल और एक ब्लाक शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले के 70 फीसदी स्कूलों की चेकिंग हो चुकी है और बाकी स्कूलों की चेकिंग का काम भी अगले कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन रिपोर्ट्स के बाद ही ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी किए जाएंगे, जो इन बातों में से किसी एक में भी दोषी पाए जाएंगे।
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स्टेशनरी, किताबें, यूनिफार्म व अन्य सामान विशेष दुकानों से लेने की शिकायत के बाद बनाई थी जिले में 15 कमेटियां
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों को स्टेशनरी, किताबें, यूनिफार्म व अन्य सामान विशेष दुकानों से खरीदने को लेकर जिला में शुरू की गई स्कूलों की जांच एक महीना बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। पंजाब के सीएम तक ऐसी शिकायतें पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस बारे में सख्त आदेश देते हुए इसके लिए कमेटियां गठित कर जांच के बाद रिपोर्ट देने को कहा था। जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे लेकर अप्रैल के दूसरे सप्ताह में 15 टीमें गठित कीं और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने की हिदायतें दी थीं, लेकिन अभी तक टीमें जिले में जांच का काम पूरा नहीं कर सकीं हैं।
गौर हो कि पिछले समय के दौरान सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई), इंडियन सर्टिफिकेट आफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) और पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (पीएसईबी) से जुड़े प्राइवेट स्कूलों की ओर से मनमर्जी से फीस में वृद्धि किए जाने की शिकायतें सरकार के पास पहुंची थीं। इन शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े प्राइवेट स्कूलों की ओर से परिजनों को विद्यार्थियों की किताबें, स्कूल यूनिफार्म और स्टेशनरी संबंधी अन्य सामान विशेष दुकानों से लाए जाने के लिए भी दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। इन शिकायतों के बाद ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के सभी प्राइवेट स्कूलों की जांच करवाए जाने के आदेश दिए थे।
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जिला शिक्षा अधिकारी (एस.) जुगराज सिंह रंधावा ने बताया कि जिले के 720 स्कूलों की जांच की जानी है। इसके लिए 15 टीमें गठित की गई हैं। इनमें से प्रत्येक टीम में एक ब्लाक नोडल अधिकारी, एक स्कूल का प्रिंसिपल और एक ब्लाक शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले के 70 फीसदी स्कूलों की चेकिंग हो चुकी है और बाकी स्कूलों की चेकिंग का काम भी अगले कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन रिपोर्ट्स के बाद ही ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी किए जाएंगे, जो इन बातों में से किसी एक में भी दोषी पाए जाएंगे।
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