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राहत: दो माह में बनकर तैयार हो जाएगा अमृतसर का कैंसर इंस्टीट्यूट, कोविड के कारण अटका था काम
Fri, 04 Feb 2022 02:46 PM IST
निवेदिता वर्मा
रविंदर शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
रविंदर शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 04 Feb 2022 02:46 PM IST
सार
केंद्र व पंजाब सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट कैंसर इंस्टीट्यूट के निर्माण प्रस्ताव पर 2014 में सहमति बनी थी। इसकी कागजी कार्रवाई पूरी करने में ही तीन साल से ज्यादा का समय लग गया। यह इंस्टीट्यूट करीब 120 करोड़ रुपये में तैयार किया जा रहा है।
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अमृतसर में बन रहा कैंसर इंस्टीट्यूट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
पंजाब ही नहीं आस-पास के राज्यों के कैंसर मरीजों के लिए राहत की खबर है। अमृतसर सरकारी मेडिकल कालेज के अंदर निर्माणाधीन स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट का 90 फीसदी काम मुकम्मल हो चुका है। वर्ष 2017 में शुरू हुए इसके निर्माण काम को जून 2021 में मुकम्मल कर मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाना था। कोविड संकटकाल के चलते करीब डेढ़ साल से ज्यादा समय तक इसका निर्माण काम बंद रहा। कोरोना से राहत मिलने के बाद दोबारा इसका निर्माण काम शुरू किया गया।
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अप्रैल 2022 तक इसके शुरू होने की संभावना है। इस इंस्टीट्यूट के शुरू होने पर कैंसर के मरीजों को इलाज के लिए पीजीआई, चंडीगढ़ या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। 150 बेड के अस्पताल में कैंसर मरीजों का लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और एडवांस मशीनों की मदद से यहीं अमृतसर में ही इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
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केंद्र व पंजाब सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट कैंसर इंस्टीट्यूट के निर्माण प्रस्ताव पर 2014 में सहमति बनी थी। इसकी कागजी कार्रवाई पूरी करने में ही तीन साल से ज्यादा का समय लग गया। यह इंस्टीट्यूट करीब 120 करोड़ रुपये में तैयार किया जा रहा है। इसके निर्माण लागत राशि में 70 प्रतिशत केंद्र सरकार और 30 प्रतिशत पंजाब सरकार दे रही है। अभी तक इंस्टीट्यूट की इमारत के निर्माण पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके शुरू होने से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर के मरीजों को फायदा मिलेगा। पहले जीएनडीएच में कैंसर मरीजों की सिर्फ रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऑपरेशन और अन्य इलाज के लिए मरीजों को या तो प्राइवेटअस्पतालों, पीजीआई चंडीगढ़ या दिल्ली में जाना पड़ता था।
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सरकारी मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डा. राजीव देवगन ने बताया कि स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में न्यूक्लियर मेडिसिन सेंटर, सर्जिंकल एनकोलॉजी, डायग्नोस्टिक सेंटर, रेडियोथैरेपी सेंटर, मेडिकोलॉजिस्ट सेंटर, गाइनोकोलॉजी विभाग, ईएनटी विंग, हेडएंड नेक, सर्जिकल के अलावा कैंसर से संबंधित विभाग होंगे। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग वार्ड इसमें होंगे। उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूट की इमारत का निर्माण काम बड़े स्तर पर जारी है। इसके भीतर सिविल वर्क मुकम्मल हो चुका है। इसके लिए मशीनरी पहुंच चुकी है।
मेडिकल कालेज के रेडियोलॉजी विभाग के अंदर पड़ी है। डा. देवगन ने बताया कि अभी रेडियोलॉजी विभाग में कैंसर मरीजों को रेडिएशन और कीमोथैरेपी की सुविधा दी जा रही है। इंस्टीट्यूट के शुरू होने पर कैंसर मरीजों को हर तरह के इलाज की यहां सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि इसके पहले फेज में रेडिएशन, मेन बिल्डिंग ओपीडी और सर्जिकल विभाग अप्रैल 2022 में मरीजों के लिए शुरू कर दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद इंस्टीट्यूट में मरीजों के लिए इंडोर दाखिले की प्रक्रिया इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगी।