{"_id":"5f5cc7c68ebc3e1c1a3dfdb6","slug":"canal-water-entered-homes-night-had-to-be-cut-on-roofs-in-gurdaspur-gurdaspur-news-pkl387629553","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर का पानी घरों में घुसा, छतों पर काटनी पड़ी रात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहर का पानी घरों में घुसा, छतों पर काटनी पड़ी रात
विज्ञापन
दीनानगर के अवांखा में नहर उफनाने पर अपनी व्यथा सुनाते लोग।
- फोटो : GURDASPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नहरी विभाग की लापरवाही के चलते दीनानगर के अवांखा में डीएवी स्कूल के पास शुक्रवार की रात नहर का पानी ओवरफ्लो होकर लोगों के घरों में जा घुसा। इससे लोगों को पूरी रात अपने घरों की छतों पर बैठकर ही काटनी पड़ी। पानी का बहाव इतना तेज था कि एक घर की दीवार भी गिर कर टूट गई।
अचानक पानी ओवरफ्लो होने के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए। जिसके बाद पानी लोगों के घरों में आ घुसा गया और उनमें अफरा तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय निवासी मंगल सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात नहर में पानी तेज होने के चलते ओवरफ्लो हो गया। इससे बाद पानी उनके घरों के अंदर घुस गया। उन्होंने रात को करीब 1 बजे से कई बार कर्मचारियों को फोन किया। इसके बाद भी किसी के कानों पर जूं तक नही रेंगी।
वहीं शनिवर की सुबह साढ़े छह बजे एक कर्मचारी शीतल राम (झंडेचक्क) आए और उन्होंने भी आकर हालात नहीं देखे। वह प्रशासन से मांग करते है कि उनका जो नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा दिया जाए और नहरी विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। उधर दीनानगर के एसडीएम रमन कोछड़ का कहना है कि उनके ध्यान में यह मामला आया है। विभाग की टीम को तुरंत भेज कर मामले की जांच कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अचानक पानी ओवरफ्लो होने के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए। जिसके बाद पानी लोगों के घरों में आ घुसा गया और उनमें अफरा तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय निवासी मंगल सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात नहर में पानी तेज होने के चलते ओवरफ्लो हो गया। इससे बाद पानी उनके घरों के अंदर घुस गया। उन्होंने रात को करीब 1 बजे से कई बार कर्मचारियों को फोन किया। इसके बाद भी किसी के कानों पर जूं तक नही रेंगी।
विज्ञापन
वहीं शनिवर की सुबह साढ़े छह बजे एक कर्मचारी शीतल राम (झंडेचक्क) आए और उन्होंने भी आकर हालात नहीं देखे। वह प्रशासन से मांग करते है कि उनका जो नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा दिया जाए और नहरी विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। उधर दीनानगर के एसडीएम रमन कोछड़ का कहना है कि उनके ध्यान में यह मामला आया है। विभाग की टीम को तुरंत भेज कर मामले की जांच कराएंगे।
विज्ञापन