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सेंट्रल जेल में बंद कैदी ने की आत्महत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Thu, 02 Jul 2015 10:15 PM IST
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सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी ने वीरवार सुबह जेल की फैक्टरी में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। फैक्टरी पर काम करने पहुंचे कैदियों ने शव देकर जेेल प्रशासन को बताया और तुरंत सिविल लाइन पुलिस को सूचित किया।
सीजेएम बठिंडा ने जेेल पहुंच मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस नेे उनकी मौजूदगी में शव को फंदे से उतारकर सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहीं कैदी के खुदकुशी करने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
मृतक की पहचान कुलजीत सिंह (28) निवासी गांव मधेके जिला मोगा के तौर पर हुई है। वह अगस्त 2014 में बठिंडा जेल में आया था। उसे एनडीपीएस एक्ट में दस साल की सजा हो चुकी थी।
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जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट भुपिंदर सिंह ने बताया कि कुलजीत सिंह को नशा तस्करी मामले में बीते साल अदालत ने दस साल की सजा सुनाई थी। वह अगस्त 2014 से बठिंडा जेल में बंद था।
वह पीठ दर्द से भी पीड़ित था। उसका उपचार विभिन्न अस्पतालों से चल रहा था। उन्होंने बताया कि कैदी कुलजीत सिंह फरवरी 2015 में पैरोल पर भी गया था।
उन्होंने कहा कि कुलजीत सिंह वीरवार सुबह 8:40 पर जेल के हाजिरी रजिस्टर पर साइन कर कैंटीन में जाने का कहकर चला गया, लेकिन नौ बजे जब जेल की फैक्टरी खुली तो वहां पर काम करने पहुंचे अन्य कैदियों ने उसके शव को पंखे से लटकता देखा। सीजेएम विक्रांत कुमार और एसडीएम दमनजीत सिंह मान ने मामले में जुडीशियल जांच शुरू कर दी है।
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सीजेएम बठिंडा ने जेेल पहुंच मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस नेे उनकी मौजूदगी में शव को फंदे से उतारकर सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहीं कैदी के खुदकुशी करने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
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मृतक की पहचान कुलजीत सिंह (28) निवासी गांव मधेके जिला मोगा के तौर पर हुई है। वह अगस्त 2014 में बठिंडा जेल में आया था। उसे एनडीपीएस एक्ट में दस साल की सजा हो चुकी थी।
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जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट भुपिंदर सिंह ने बताया कि कुलजीत सिंह को नशा तस्करी मामले में बीते साल अदालत ने दस साल की सजा सुनाई थी। वह अगस्त 2014 से बठिंडा जेल में बंद था।
वह पीठ दर्द से भी पीड़ित था। उसका उपचार विभिन्न अस्पतालों से चल रहा था। उन्होंने बताया कि कैदी कुलजीत सिंह फरवरी 2015 में पैरोल पर भी गया था।
उन्होंने कहा कि कुलजीत सिंह वीरवार सुबह 8:40 पर जेल के हाजिरी रजिस्टर पर साइन कर कैंटीन में जाने का कहकर चला गया, लेकिन नौ बजे जब जेल की फैक्टरी खुली तो वहां पर काम करने पहुंचे अन्य कैदियों ने उसके शव को पंखे से लटकता देखा। सीजेएम विक्रांत कुमार और एसडीएम दमनजीत सिंह मान ने मामले में जुडीशियल जांच शुरू कर दी है।