सुखबीर बादल का माफीनामा सार्वजनिक: प्रकाश सिंह बादल के पत्र का किया जिक्र, कहा-बिना शर्त माफी मांगता हूं
एक जुलाई को अकाली दल सुधार आंदोलन के बैनर के तले कुछ बागी अकालियों ने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार को सुखबीर बादल के खिलाफ शिकायत पत्र दिया था। जत्थेदार ने 15 जुलाई को पंज सिंह साहिबान की बैठक में सुखबीर बादल से 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा। 24 जुलाई को सुखबीर ने अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जत्थेदार को सीलबंद लिफाफे में स्पष्टीकरण सौंपा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बागी अकालियों की ओर से लगाए गए गंभीर पंथक आरोपों के बाद श्री अकाल तख्त साहिब पर 24 जुलाई को सौंपे गए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के स्पष्टीकरण को सोमवार को सार्वजनिक कर दिया गया।
24 जुलाई को ही एसजीपीसी ने भी डेरा सच्चा सौदा के मुखी को दी गई माफी के बाद समाचार पत्रों में दिए गए विज्ञापन को लेकर अपना स्पष्टीकरण अकाल तख्त साहिब को सौंपा था। एसजीपीसी के इस स्पष्टीकरण को भी अकाल तख्त साहिब की ओर से सोमवार को सार्वजनिक कर दिया गया है।
हो रही थी मांग
सिख संगत मांग कर रही थी कि सुखबीर बादल खुद पर लगे आरोपों का स्पष्टीकरण बंद लिफाफे में अकाल तख्त साहिब पर सौंप कर गए हैं, उसे सार्वजनिक किया जाए। वहीं एसजीपीसी की ओर से दिए गए विज्ञापनों संबंधी स्पष्टीकरण को सर्वजनिक करने की मांग भी देश व विदेश की संगत उठा रही थी।
संगत का कहना था कि अकाल तख्त साहिब पर लिफाफा कल्चर खत्म होना चाहिए। किसी ने अपराध किया है उसे सार्वजनिक रूप में स्वीकार करने का अकाल तख्त के समक्ष प्रावधान है, फिर स्पष्टीकरण को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से दोनों स्पष्टीकरण सार्वजनिक कर दिए गए हैं।
एक जुलाई को दी थी शिकायत
शिरोमणि अकाली दल बादल के अंदर अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को लेकर चल रहे विवाद को लेकर अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह के सामने बागी अकालियों ने एक जुलाई को शिकायत दी थी। इस शिकायत के बाद पांच सिंह साहिबान ने 15 जुलाई को बैठक करके सुखबीर बादल से 15 दिनों के भीतर जवाब देने के आदेश दिए थे। सुखबीर बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचकर सचिवालय में जत्थेदार को बंद लिफाफे में स्पष्टीकरण दिया था। उसी दिन से ही संगत मांग कर रही थी कि सुखबीर और एसजीपीसी की ओर से सौंपा स्पष्टीकरण को सार्वजनिक किया जाए।
उल्लेखनीय है कि सुखबीर की ओर से अपने स्पष्टीकरण के साथ एक उस पुराने पत्र को भी एड किया है जिस में प्रकाश सिंह बादल ने डेरा के साथ संबंधित घटनाओं को अपने खेद प्रकट किया था। प्रकाश सिंह बादल का पत्र कुछ दिन पहले ही मीडिया और सोशल मीडिया पर वायल हो गया था।
प्रकाश सिंह बादल का पुराना पत्र वायरल
सुखबीर बादल द्वारा श्री अकाल तख्त पर बंद लिफाफे में दिए गए स्पष्टीकरण के बाद दिवंगत मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का भी एक पुराना पत्र वायरल हो रहा है, जो बेअदबी की घटनाओं के बाद लिखा गया था। इसमें प्रकाश सिंह बादल ने अपने दिल का दर्द बयां किया था।
प्रकाश सिंह बादल द्वारा अक्तूबर 2015 में श्री अकाल तख्त के जत्थेदार को दिए गए पत्र में बेअदबी की घटनाओं पर अपना दुख व्यक्त किया था। सितंबर 2015 में बेअदबी की बड़ी घटनाएं हुईं। उस वक्त आरोपियों को पकड़ न पाने के प्रदर्शन के लिए तत्कालीन अकाली सरकार की आलोचना काफी हुई थी।
17 अक्तूबर 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका और श्री अकाल तख्त के जत्थेदार को एक पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने लिखा था कि पंजाब का प्रशासनिक मुखिया होने के नाते मुझे इस तरह की अप्रत्याशित घटनाओं के बारे में पूरी जानकारी है। मैंने सौंपे गए कर्तव्यों का पूरी लगन और परिश्रम से पालन करने की कोशिश की है, लेकिन अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते समय कभी-कभी कुछ ऐसा हो जाता है, जो अचानक घटित होता है। इससे आपका मन गहरी पीड़ा से गुजरता है और आप आत्मिक रूप से परेशान हो जाते हैं। इस मामले में हमारी पश्चाताप की भावना प्रबल है। ऐसे समय में वे आंतरिक पीड़ा से भी गुजर रहे हैं, ऐसी भावना के साथ, वे गुरु को नमन कर रहे हैं और प्रार्थना कर रहे हैं कि गुरु साहब शक्ति और दया प्रदान करें।