दो महीने बाद अमृतसर हवाई अड्डा हुआ गुलजार, चार विमानों ने भरी उड़ान तो चार ने की लैंडिंग
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कोरोना वायरस के कारण बीते दो महीनों से बंद घरेलू उड़ानों के शुरू होने के पहले दिन श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चार उड़ानें रवाना हुईं। इतनी ही उड़ाने लैंड होने पर सीमावर्ती एयरपोर्ट में रौनक लौट आई। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से अंतिम समय में मुंबई हवाई अड्डे पर विमानों की लैंडिंग लगाई गई पाबंदी के बाद श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल हवाई अड्डे से मुंबई जाने वाली पहली उड़ान रद्द कर दी गई है।
अब अमृतसर हवाई अड्डे से मुंबई हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाली सभी उड़ानें एक जून तक रद्द कर दी गई हैं। यह उड़ान दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर रवाना होनी थी। इसके रद्द होने की सूचना यात्रियों को दे दी गई थी। अमृतसर हवाई अड्डे पर 60 दिन के बाद पहली फ्लाइट लैंड हुई।
जयपुर-अमृतसर- श्री पटना साहिब की इस फ्लाइट में 16 यात्री अमृतसर पहुंचे। सभी यात्रियों के चेहरों पर खुशी झलक रही थी। यात्रियों ने निर्धारित मापदंडों का पालन किया। इसके लिए यात्रियों को चिलचिलाती धूप में कई कई घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
सेवा शुरू न होती तो न जाने कब तक जयपुर में रहना पड़ता
जयपुर से पहुंचे एक यात्री रंजीत कुमार ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि जयपुर-अमृतसर उड़ान में मात्र 16 यात्री ही थे। हर यात्री तीन से चार लाइनों की दूरी पर बैठा हुआ था। इसलिए इस उड़ान में कम से कम सामाजिक दूरी का कोई मुद्दा नहीं था। रंजीत बीते 60 दिन से उदयपुर में फंसे थे, जहां वह एक कंपनी में काम कर रहे थे। उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है।
इसके बाद दो महीने तक एक गेस्ट हाउस में ही रहे। रंजीत ने कहा कि उन्हें घर जाने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। एयरलाइंस सेवा शुरू नहीं होती तो पता नहीं कितने और दिन जयपुर में रुकना पड़ता।
टचलेस प्रक्रिया धीमी लेकिन सुरक्षित
जयपुर से आए एक अन्य यात्री सुखचंद मीणा ने कहा कि कोरोनो वायरस के मानदंडों का पालन करने में कोई समस्या नहीं, क्योंकि वे केवल एक व्यक्ति की सुरक्षा के लिए है। श्री पटना साहिब जाने वाले यात्री राहुल कुमार ने कहा कि एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा शुरू की गई टचलेस प्रक्रिया धीमी लेकिन सुरक्षित है।
लगभग तीन महीने तक अमृतसर में फंसी पटना के एक परिवार की महिला ज्योति ने बताया की वह अपनी बहू की डिलीवरी के लिए यहां आठ मार्च को पहुंची थी। लॉकडाउन के कारण अमृतसर में फंस गई थी। 25 मार्च को वापसी की टिकट थी। 78 दिन के बाद घर लौटने की खुशी है।