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Amritsar News: डीटीओ कार्यालय के पीआईओ पर सूचना न देने का जमानती वारंट जारी
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अमृतसर। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत राज्य सूचना आयोग ने जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई पीआईओ की ओर से सामाजिक कार्यकर्ता प्रबोध चंद्र बाली की आरटीआई मांग में लगातार लापरवाही बरतने और आयोग के आदेशों का पालन न करने पर की गई। प्रबोध चंद्र ने डीटीओ कार्यालय से चालान जुर्माने की रसीदों और जमा करवाई गई राशि का रिकॉर्ड मांगा था।
आरटीआई में संदेह जताया गया था कि कई चालानों का जुर्माना नकद वसूलने के बावजूद रसीदें जारी की गईं और राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाई गई। दो वर्षों तक पीआईओ ने न तो जानकारी उपलब्ध करवाई और न ही आयोग के सामने अपनी पक्ष पेश किया। आयोग ने इसे पारदर्शिता की अवहेलना और कानून के प्रति उदासीनता माना। 20 नवंबर को यह फैसला आया था और अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।
रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) के कम सचिव खुशदिल सिंह संधू ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है, लेकिन चुनाव में ड्यूटी के कारण पूरी जानकारी फिलहाल साझा नहीं की जा सकती। इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी अधिकारी आरटीआई कानून की अवहेलना नहीं कर सकते और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
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आरटीआई में संदेह जताया गया था कि कई चालानों का जुर्माना नकद वसूलने के बावजूद रसीदें जारी की गईं और राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाई गई। दो वर्षों तक पीआईओ ने न तो जानकारी उपलब्ध करवाई और न ही आयोग के सामने अपनी पक्ष पेश किया। आयोग ने इसे पारदर्शिता की अवहेलना और कानून के प्रति उदासीनता माना। 20 नवंबर को यह फैसला आया था और अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।
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रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) के कम सचिव खुशदिल सिंह संधू ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है, लेकिन चुनाव में ड्यूटी के कारण पूरी जानकारी फिलहाल साझा नहीं की जा सकती। इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी अधिकारी आरटीआई कानून की अवहेलना नहीं कर सकते और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
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