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सांझ-2012 का 9वां अमृतसर-लाहौर समारोह संपन्न
Amritsar
Updated Tue, 06 Nov 2012 12:00 PM IST
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अमृतसर। पुनरजोत और रफी पीर थियेटर वर्कशाप लाहौर के साझे प्रयत्नों से दूसरे दिन का संाझ उत्सव पुल कंजरी गांव धनोआ में आयोजित किया गया। यह गांव अमृतसर और लाहौर के बीच में है। पुलिस कंजरी में एक ऐतिहासिक स्मारक है। यह स्मारक महाराजा रणजीत सिंह और मौरां सरकार के प्यार की निशानी है। इस यादगार के कारण रंगारंग शाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को मजबूत बनाना है। इसलिए इस स्थान को कार्यक्रम के दूसरे दिन के लिए चुना गया।
देर शाम साईं जहूर और सनम मारवी के सूफी कलाम से पुल कंजरी गूंज उठा। दोनों पाकिस्तानी गायकों ने बाबा बुल्ले शाह, सुल्तान बाहू और शाह हुसैन को गाया। पुनरजोत की डायरेक्टर डा. कीरत संधू ने कहा कि यह शाम मेरी मां स्व. मनवीन संधू की बदौलत ही संभव हो सकी है जिन्होंने दोनों मुल्कों में सद्भावना कायम करने के प्रयास किए।
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देर शाम साईं जहूर और सनम मारवी के सूफी कलाम से पुल कंजरी गूंज उठा। दोनों पाकिस्तानी गायकों ने बाबा बुल्ले शाह, सुल्तान बाहू और शाह हुसैन को गाया। पुनरजोत की डायरेक्टर डा. कीरत संधू ने कहा कि यह शाम मेरी मां स्व. मनवीन संधू की बदौलत ही संभव हो सकी है जिन्होंने दोनों मुल्कों में सद्भावना कायम करने के प्रयास किए।
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