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किरती किसान व भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की मांगों संबंधी में शहर में मार्च किया
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किसान संगठनों ने किया रोष मार्च
जिलाधीश कार्यालय के समक्ष धरना देकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। संघर्षशील सात किसान संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को किरती किसान यूनियन व भारतीय किसान यूनियन एकता नेहरू पार्क से शहर में रोष मार्च किया। इसके बाद जिलाधीश के कार्यालय के समक्ष धरना देकर मांगपत्र दिया गया।
धरने का नेतृत्व अजीत सिंह खोखर व सागर सिंह भोला ने किया। किरती किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सिंह सुलतानी तथा भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के जिलाध्यक्ष लखविन्द्र सिंह मंजियावाली ने कहा कि केन्द्र व पंजाब सरकार विश्व व्यापार संगठन के दबाव में औद्योगिक घरानों, देसी व विदेशी कंपनियों के हित पूरे करने वाली नीतियां लागू की जा रही है, जिस कारण पूंजीपति व कारपोरेट घराने मालामाल हो रहे है और किसान कर्ज के जाल में फंस कर आत्महत्याएं करने को मजबूर है।
वक्ताओं ने केन्द्र व पंजाब सरकार से मांग की कि किसानों का समूचा कर्ज बिना शर्त माफ किया जाए। जबरदस्ती कर्ज वसूली, गिरफ्तारियों पर पुलिस दखल बंद की जाए, खेती उत्पादनों के मूल्य डा. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों अनुसार घोषित किए जाए, खरीद की गारंटी दी जाए, कृषि लागत कम की जाए, आत्महत्या के शिकार हुए किसान मजदूरों के वारिसों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, सहकारी व निजी चीनी मिलों की तरफ किसानों को रहता गन्ने का बकाया तुरंत ब्याज सहित दिया जाए, आंदोलनकारी किसान, नेताओं व वर्करों पर बनाए झूठे केस रद किए जाएं।
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इस मौके पर अतिरिक्त भारतीय किसान यूनियन के दलजीत सिंह गिल्लावाली, कुलविन्द्र सिंह बसंतकोट, हरजिन्द्र सिंह अलावलपुर, किरती किसान यूनियन के चन्नन सिंह दोरांगला, जिलाध्यक्ष तरलोक सिंह बहरामपुर, ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष कामरेड राज कुमार पिण्डोरी, हरदीप सिंह नानोवालिया, एस.एस.ए, रमसा नेता बचित्तर सिंह मौजूद थे।
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जिलाधीश कार्यालय के समक्ष धरना देकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। संघर्षशील सात किसान संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को किरती किसान यूनियन व भारतीय किसान यूनियन एकता नेहरू पार्क से शहर में रोष मार्च किया। इसके बाद जिलाधीश के कार्यालय के समक्ष धरना देकर मांगपत्र दिया गया।
धरने का नेतृत्व अजीत सिंह खोखर व सागर सिंह भोला ने किया। किरती किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सिंह सुलतानी तथा भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के जिलाध्यक्ष लखविन्द्र सिंह मंजियावाली ने कहा कि केन्द्र व पंजाब सरकार विश्व व्यापार संगठन के दबाव में औद्योगिक घरानों, देसी व विदेशी कंपनियों के हित पूरे करने वाली नीतियां लागू की जा रही है, जिस कारण पूंजीपति व कारपोरेट घराने मालामाल हो रहे है और किसान कर्ज के जाल में फंस कर आत्महत्याएं करने को मजबूर है।
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वक्ताओं ने केन्द्र व पंजाब सरकार से मांग की कि किसानों का समूचा कर्ज बिना शर्त माफ किया जाए। जबरदस्ती कर्ज वसूली, गिरफ्तारियों पर पुलिस दखल बंद की जाए, खेती उत्पादनों के मूल्य डा. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों अनुसार घोषित किए जाए, खरीद की गारंटी दी जाए, कृषि लागत कम की जाए, आत्महत्या के शिकार हुए किसान मजदूरों के वारिसों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, सहकारी व निजी चीनी मिलों की तरफ किसानों को रहता गन्ने का बकाया तुरंत ब्याज सहित दिया जाए, आंदोलनकारी किसान, नेताओं व वर्करों पर बनाए झूठे केस रद किए जाएं।
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इस मौके पर अतिरिक्त भारतीय किसान यूनियन के दलजीत सिंह गिल्लावाली, कुलविन्द्र सिंह बसंतकोट, हरजिन्द्र सिंह अलावलपुर, किरती किसान यूनियन के चन्नन सिंह दोरांगला, जिलाध्यक्ष तरलोक सिंह बहरामपुर, ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष कामरेड राज कुमार पिण्डोरी, हरदीप सिंह नानोवालिया, एस.एस.ए, रमसा नेता बचित्तर सिंह मौजूद थे।