{"_id":"5af1d7214f1c1b85028b8be4","slug":"41525798689-amritsar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाली को जिले में किसी रैंक की आशा थी , परन्तु पंजाब में दूसरे स्थान पर रही।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाली को जिले में किसी रैंक की आशा थी , परन्तु पंजाब में दूसरे स्थान पर रही।
Updated Tue, 08 May 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डाली स्पोर्ट्स कैटेगरी में दूसरे स्थान पर
डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना चाहती है डाली
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
जिले में कोई टाप रैंक की आशा रखने वाली दसवीं कक्षा की डाली को यह अंदाजा भी नही था कि वह स्पोर्ट्स कोटे में पूरे पंजाब में दूसरे स्थान पर रहेंगी। डाली ने द650 अंकों में से 636 अंक हासिल किए। डाली भी उसी स्कूल बाल विद्या मंदिर हाई स्कूल नंगल कोटली की छात्रा है जिसकी श्रिया सूबे में प्रथम रही।
डाली के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा था। डाली ने बताया कि वह परीक्षा के दिनों में दिन रात एक करके पढ़ती थी। उसने बताया कि उसने आठवीं कक्षा से कराटे ज्वाइन किया है। डाली ने अपनी उपलब्धि का पूरा श्रेय अपनी टीचर, प्रिंसिपल तथा समूह स्टाफ को दिया। डाली ने बताया कि वह बड़ी होकर डाक्टर बनना चाहती है तथा गरीब मरीजों की सेवा करना चाहती है। पिता राकेश कुमार दाल व्यापारी और माता कमलेश खुद एक अध्यापक है। डाली ने बताया कि उसके माता-पिता ने कभी उस पर दबाव नही डाला। उन्होंने हमेशा मेरे चुनाव का ध्यान रखा। डाली की बहन कीरती बीएससी नान मेडिकल की फाइनल की छात्रा है और भाई कार्तिक भी बीएससी नान मेडिकल का छात्र है। डाली ने बताया कि वह अपना डाक्टर बनने का सपना अवश्य पूरा करेगी। इसके लिए उसे माता-पिता अध्यापकों के प्यार और आशीर्वाद की जरूरत है। प्रिंसिपल रितू महाजन ने बताया कि श्रिया तथा डाली ने पूरे पंजाब में स्कूल का नाम बेहद रोशन कर दिया है और उन्हें दोनो पर बेहद गर्व है।
विज्ञापन
डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना चाहती है डाली
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
जिले में कोई टाप रैंक की आशा रखने वाली दसवीं कक्षा की डाली को यह अंदाजा भी नही था कि वह स्पोर्ट्स कोटे में पूरे पंजाब में दूसरे स्थान पर रहेंगी। डाली ने द650 अंकों में से 636 अंक हासिल किए। डाली भी उसी स्कूल बाल विद्या मंदिर हाई स्कूल नंगल कोटली की छात्रा है जिसकी श्रिया सूबे में प्रथम रही।
डाली के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा था। डाली ने बताया कि वह परीक्षा के दिनों में दिन रात एक करके पढ़ती थी। उसने बताया कि उसने आठवीं कक्षा से कराटे ज्वाइन किया है। डाली ने अपनी उपलब्धि का पूरा श्रेय अपनी टीचर, प्रिंसिपल तथा समूह स्टाफ को दिया। डाली ने बताया कि वह बड़ी होकर डाक्टर बनना चाहती है तथा गरीब मरीजों की सेवा करना चाहती है। पिता राकेश कुमार दाल व्यापारी और माता कमलेश खुद एक अध्यापक है। डाली ने बताया कि उसके माता-पिता ने कभी उस पर दबाव नही डाला। उन्होंने हमेशा मेरे चुनाव का ध्यान रखा। डाली की बहन कीरती बीएससी नान मेडिकल की फाइनल की छात्रा है और भाई कार्तिक भी बीएससी नान मेडिकल का छात्र है। डाली ने बताया कि वह अपना डाक्टर बनने का सपना अवश्य पूरा करेगी। इसके लिए उसे माता-पिता अध्यापकों के प्यार और आशीर्वाद की जरूरत है। प्रिंसिपल रितू महाजन ने बताया कि श्रिया तथा डाली ने पूरे पंजाब में स्कूल का नाम बेहद रोशन कर दिया है और उन्हें दोनो पर बेहद गर्व है।
विज्ञापन