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रैड क्रास नशा छुड़ाओ केन्द्र में प्रतिदिन की काऊंसलिंग में लाया गया एक अहम मोड़
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:16 PM IST
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विचार कार्डों पर लिखे शब्द पढ़ लिए नहीं करेंगे कभी नशा
गुरदासपुर। नशे से तौबा करने के लिए रेडक्रॉस नशा छुड़ाओ व पुनर्वास केंद्र गुरदासपुर में रोगियों की प्रतिदिन काउंसिलिंग में एक नया मोड़ आया है। इसमें केंद्र द्वारा जारी विचार कार्ड (सुझाव पत्र) प्रकाशित करवाकर दाखिल रोगियों को वितरित किए गए। जिस पर अपने विचार लिखने हेतु कहा गया था। सेंटर में दाखिल रोगी इन कार्डों में काफी दिलचस्पी लेकर अपने विचार लिख रहे हैं और इनके द्वारा लिखे गए विचार काफी दिल को छू लेने वाले होते हैं। जिसमें उन्होंने नशे में फंसने से पूर्व से लेकर अब तक की पूरी जीवन कथा को शामिल किया होता है। जिसे पढ़कर तो आम व्यक्ति भी नशे की ओर कदम नहीं उठा सकता।
इस अवसर पर रमेश महाजन नेशनल अवार्डी प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा कि कार्ड प्रकाशित करवाने का उद्देश्य रोगियों की जीवनी सुनना ही नहीं, बल्कि इनसे शिक्षा लेकर अन्य को जागरूक करना है। रोगियों द्वारा लिखे कार्ड इकट्ठा कर नशे के खिलाफ जागरूक कराने के लिए एक सोवनियर भी प्रकाशित किया जाएगा, जोकि नशे के खिलाफ चलाए अभियान में एक अहम भूमिका अदा करेगा।
21जीडीआर2- सुझाव पत्र को पढ़ते हुए नौजवान व अन्य।
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गुरदासपुर। नशे से तौबा करने के लिए रेडक्रॉस नशा छुड़ाओ व पुनर्वास केंद्र गुरदासपुर में रोगियों की प्रतिदिन काउंसिलिंग में एक नया मोड़ आया है। इसमें केंद्र द्वारा जारी विचार कार्ड (सुझाव पत्र) प्रकाशित करवाकर दाखिल रोगियों को वितरित किए गए। जिस पर अपने विचार लिखने हेतु कहा गया था। सेंटर में दाखिल रोगी इन कार्डों में काफी दिलचस्पी लेकर अपने विचार लिख रहे हैं और इनके द्वारा लिखे गए विचार काफी दिल को छू लेने वाले होते हैं। जिसमें उन्होंने नशे में फंसने से पूर्व से लेकर अब तक की पूरी जीवन कथा को शामिल किया होता है। जिसे पढ़कर तो आम व्यक्ति भी नशे की ओर कदम नहीं उठा सकता।
इस अवसर पर रमेश महाजन नेशनल अवार्डी प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा कि कार्ड प्रकाशित करवाने का उद्देश्य रोगियों की जीवनी सुनना ही नहीं, बल्कि इनसे शिक्षा लेकर अन्य को जागरूक करना है। रोगियों द्वारा लिखे कार्ड इकट्ठा कर नशे के खिलाफ जागरूक कराने के लिए एक सोवनियर भी प्रकाशित किया जाएगा, जोकि नशे के खिलाफ चलाए अभियान में एक अहम भूमिका अदा करेगा।
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21जीडीआर2- सुझाव पत्र को पढ़ते हुए नौजवान व अन्य।