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निगम में पैसे की गड़बड़ी की आशंका, विजिलेंस ने मारा छापा
Updated Thu, 13 Jul 2017 10:43 PM IST
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विजिलेंस टीम का नगर निगम दफ्तर पर छापा
कर्मचारियों समेत स्वच्छ भारत व स्ट्रीट लाइटों के फंड का रिकॉर्ड जब्त किया
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
नगर निगम में कर्मचारियों के वेतन, स्वच्छ भारत अभियान और स्ट्रीट लाइटों के फंड में गड़बड़ी होने की गुप्त सूचना पर वीरवार को विजिलेंस की टीम ने डीएसपी तेजिंदरपाल सिंह की अगुवाई में नगर निगम में रेड की। विजिलेंस ने नगर निगम के मुलाजिमों का सारा रिकॉर्ड जब्त कर लिया। रिकॉर्ड की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार करके अमृतसर भेजी जाएगी। इसके बाद चंडीगढ़ बैठे अधिकारियों की हिदायतों पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
विजिलेंस ब्यूरो को गुप्त सूचना मिली थी कि नगर निगम में मुलाजिमों की संख्या रिकॉर्ड में जितनी दर्ज की गई है, असल में उतनी नहीं है। काम करने वाले मुलाजिमों की संख्या रिकॉर्ड से काफी कम है। ऐसे में रिकॉर्ड में दर्ज जो मुलाजिम काम न करके या तो वेतन डकार रहे हैं या फिर इन कर्मियों की फर्जी एंट्रियां रिकॉर्ड में डाली गई हैं और इनकी सैलरी किसी दूसरे की जेब में जा रही हैं। हालांकि अभी विजिलेंस ने यह पुष्टि नहीं की है कि निगम के रिकॉर्ड में कितने मुलाजिम हैं और कितने फील्ड में काम करते नहीं दिखे।
इसके अलावा स्वच्छ भारत मुहिम और स्ट्रीट लाइटों के काम में भी घोटाला होने की आशंका है। डीएसपी विजिलेंस तेजिंदरपाल सिंह ने बताया नगर निगम को पिछले दो सालों में स्वच्छ भारत मुहिम के तहत मिले फंडों का सारा रिकॉर्ड भी जब्त किया गया है। इसके अलावा शहर में लगाई गईं स्ट्रीट लाइटों पर खर्च किये गए फंड का रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। इस दौरान नगर निगम के हेल्थ अफसर डॉ एनके सिंह, सुपरिडेंट इंदरजीत सिंह, राहुल आदि मौजूद थे।
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फोटो -3- पठानकोट में नगर निगम कार्यालय में पहुंचे डीएसपी विजिलेंस जांच करते हुए।
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कर्मचारियों समेत स्वच्छ भारत व स्ट्रीट लाइटों के फंड का रिकॉर्ड जब्त किया
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
नगर निगम में कर्मचारियों के वेतन, स्वच्छ भारत अभियान और स्ट्रीट लाइटों के फंड में गड़बड़ी होने की गुप्त सूचना पर वीरवार को विजिलेंस की टीम ने डीएसपी तेजिंदरपाल सिंह की अगुवाई में नगर निगम में रेड की। विजिलेंस ने नगर निगम के मुलाजिमों का सारा रिकॉर्ड जब्त कर लिया। रिकॉर्ड की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार करके अमृतसर भेजी जाएगी। इसके बाद चंडीगढ़ बैठे अधिकारियों की हिदायतों पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
विजिलेंस ब्यूरो को गुप्त सूचना मिली थी कि नगर निगम में मुलाजिमों की संख्या रिकॉर्ड में जितनी दर्ज की गई है, असल में उतनी नहीं है। काम करने वाले मुलाजिमों की संख्या रिकॉर्ड से काफी कम है। ऐसे में रिकॉर्ड में दर्ज जो मुलाजिम काम न करके या तो वेतन डकार रहे हैं या फिर इन कर्मियों की फर्जी एंट्रियां रिकॉर्ड में डाली गई हैं और इनकी सैलरी किसी दूसरे की जेब में जा रही हैं। हालांकि अभी विजिलेंस ने यह पुष्टि नहीं की है कि निगम के रिकॉर्ड में कितने मुलाजिम हैं और कितने फील्ड में काम करते नहीं दिखे।
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इसके अलावा स्वच्छ भारत मुहिम और स्ट्रीट लाइटों के काम में भी घोटाला होने की आशंका है। डीएसपी विजिलेंस तेजिंदरपाल सिंह ने बताया नगर निगम को पिछले दो सालों में स्वच्छ भारत मुहिम के तहत मिले फंडों का सारा रिकॉर्ड भी जब्त किया गया है। इसके अलावा शहर में लगाई गईं स्ट्रीट लाइटों पर खर्च किये गए फंड का रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। इस दौरान नगर निगम के हेल्थ अफसर डॉ एनके सिंह, सुपरिडेंट इंदरजीत सिंह, राहुल आदि मौजूद थे।
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फोटो -3- पठानकोट में नगर निगम कार्यालय में पहुंचे डीएसपी विजिलेंस जांच करते हुए।