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आरबीआई से नहीं आया पैसा, पठानकोट में नोटबंदी जैसे हालात
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:30 PM IST
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पठानकोट में नोटबंदी जैसे हालात
आरबीआई से नहीं आया पैसा, दूसरे बैंकों से कैश लेकर एटीएम में डाल रहा एसबीआई
मेन ब्रांच को छोड़ बाकी अन्य एटीएम में कैश नहीं
जितेंद्र शर्मा।
पठानकोट।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानि आरबीआई से पैसा भरपूर मात्रा में न मिलने के कारण शहर में कैश की किल्लत देखने को मिल रही है। शहर के एटीएम पर पैसे निकलवाने आ रहे लोगों को पैसे न मिलने पर इधर-उधर हाथ पैर मारने पड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसा लग रहा है मानो पठानकोट में नोटबंदी जैसे हालात फिर से आ गए हों।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के जिले में 70 एटीएम हैं। लेकिन मेन ब्रांच और डिफेंस क्षेत्रों में लगे एटीएम छोड़ दें तो बाकी बचे एटीएम में कैश की भारी किल्लत है। हालात इतने खराब हैं कि एक एटीएम में औसतन डाली जाने वाली रकम का दसवां हिस्सा ही डाला जा रहा है। जो कि कैश की मांग को पूरा नहीं कर पा रहा है।
दरअसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कैश न दिये जाने के बाद ऐसे हालात पैदा हुए हैं। आलम यह है कि एसबीआई को स्टेट बैंक ऑफ पटियाला समेत अन्य बैंकों से कैश लेकर गुजारा करना पड़ रहा है। लेकिन दूसरे बैंकों से कै श लेकर भी जिले के 70 एसबीआई एटीएम की मांग नहीं पूरी हो पा रही है। एसबीआई के मुताबिक हर एटीएम में 46 लाख रुपये औसतन डालने पर सामान्य ट्रांजेक्शन वाला एटीएम 3 दिन तक कैश दे सकता है। वहीं ज्यादा ट्रांजेक्शन जैसे कि मेन ब्रांच और डिफेंस क्षेत्र में लगे एटीएम 46 लाख रुपये से एक या दो दिन ही निकाल पाते हैं। ऐसे में औसतन हर तीन दिन बाद जिले के लगभग हर एसबीआई एटीएम को 46 लाख रुपये की जरूरत है। लेकिन पिछले कुछ समय से आरबीआई से पैसे नहीं मिले पा रहे। जिस कारण दूसरे बैंकों से पैसे लेकर गुजारा किया जा रहा है।
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मेन ब्रांच व डिफेंस क्षेत्र को पहल
एसबीआई के अनुसार जिले की मेन ब्रांच और डिफेंस क्षेत्र के अंदर लगे एटीएम को पहल के आधार पर कैश दिया जाता है। इन एटीएम में कैश लगातार डाला जा रहा है। मेन ब्रांच के बाहर एक, एयरफोर्स स्टेशन में 2 और आर्मी एरिया में 14 एसबीआई एटीएम हैं। इनमें पहल के आधार पर कैश डाला जा रहा है। वहीं शेष बचे 53 एसबीआई एटीएम में 46 लाख की बजाये औसतन 4-5 लाख ही डाले जा रहे हैं। जो कि कैश की मांग का दसवां हिस्सा ही है। इन्हीं एटीएम पर आम लोग पैसे निकालते हैं। इसी कारण परेशानी हो रही है।
लिखित में बताई है समस्या : चीफ मैनेजर
एसबीआई के चीफ मैनेजर प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि कैश कि किल्लत की आ रही समस्या के बारे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को लिखित में बताया गया है। इसके अलावा एसबीआई के उच्च् अधिकारियों को भी लिखित में इस बारे जानकारी दे दी गई है। उच्च अधिकारी समस्या से निपटने के प्रयास कर रहे हैं।
फोटो -1- पठानकोट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम।
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आरबीआई से नहीं आया पैसा, दूसरे बैंकों से कैश लेकर एटीएम में डाल रहा एसबीआई
मेन ब्रांच को छोड़ बाकी अन्य एटीएम में कैश नहीं
जितेंद्र शर्मा।
पठानकोट।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानि आरबीआई से पैसा भरपूर मात्रा में न मिलने के कारण शहर में कैश की किल्लत देखने को मिल रही है। शहर के एटीएम पर पैसे निकलवाने आ रहे लोगों को पैसे न मिलने पर इधर-उधर हाथ पैर मारने पड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसा लग रहा है मानो पठानकोट में नोटबंदी जैसे हालात फिर से आ गए हों।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के जिले में 70 एटीएम हैं। लेकिन मेन ब्रांच और डिफेंस क्षेत्रों में लगे एटीएम छोड़ दें तो बाकी बचे एटीएम में कैश की भारी किल्लत है। हालात इतने खराब हैं कि एक एटीएम में औसतन डाली जाने वाली रकम का दसवां हिस्सा ही डाला जा रहा है। जो कि कैश की मांग को पूरा नहीं कर पा रहा है।
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दरअसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कैश न दिये जाने के बाद ऐसे हालात पैदा हुए हैं। आलम यह है कि एसबीआई को स्टेट बैंक ऑफ पटियाला समेत अन्य बैंकों से कैश लेकर गुजारा करना पड़ रहा है। लेकिन दूसरे बैंकों से कै श लेकर भी जिले के 70 एसबीआई एटीएम की मांग नहीं पूरी हो पा रही है। एसबीआई के मुताबिक हर एटीएम में 46 लाख रुपये औसतन डालने पर सामान्य ट्रांजेक्शन वाला एटीएम 3 दिन तक कैश दे सकता है। वहीं ज्यादा ट्रांजेक्शन जैसे कि मेन ब्रांच और डिफेंस क्षेत्र में लगे एटीएम 46 लाख रुपये से एक या दो दिन ही निकाल पाते हैं। ऐसे में औसतन हर तीन दिन बाद जिले के लगभग हर एसबीआई एटीएम को 46 लाख रुपये की जरूरत है। लेकिन पिछले कुछ समय से आरबीआई से पैसे नहीं मिले पा रहे। जिस कारण दूसरे बैंकों से पैसे लेकर गुजारा किया जा रहा है।
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मेन ब्रांच व डिफेंस क्षेत्र को पहल
एसबीआई के अनुसार जिले की मेन ब्रांच और डिफेंस क्षेत्र के अंदर लगे एटीएम को पहल के आधार पर कैश दिया जाता है। इन एटीएम में कैश लगातार डाला जा रहा है। मेन ब्रांच के बाहर एक, एयरफोर्स स्टेशन में 2 और आर्मी एरिया में 14 एसबीआई एटीएम हैं। इनमें पहल के आधार पर कैश डाला जा रहा है। वहीं शेष बचे 53 एसबीआई एटीएम में 46 लाख की बजाये औसतन 4-5 लाख ही डाले जा रहे हैं। जो कि कैश की मांग का दसवां हिस्सा ही है। इन्हीं एटीएम पर आम लोग पैसे निकालते हैं। इसी कारण परेशानी हो रही है।
लिखित में बताई है समस्या : चीफ मैनेजर
एसबीआई के चीफ मैनेजर प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि कैश कि किल्लत की आ रही समस्या के बारे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को लिखित में बताया गया है। इसके अलावा एसबीआई के उच्च् अधिकारियों को भी लिखित में इस बारे जानकारी दे दी गई है। उच्च अधिकारी समस्या से निपटने के प्रयास कर रहे हैं।
फोटो -1- पठानकोट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम।