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आईएसआई के लिए काम करने वाला भारतीय जासूस दो देसी पिस्तौल समेत गिरफतार
Updated Sat, 10 Mar 2018 07:56 PM IST
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आईएसआई का भारतीय जासूस दो पिस्तौल समेत काबू
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस की गिरफतारी से भाग रहा था उक्त आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए काम करने वाले भारतीय जासूस को बटाला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किया गया आईएसआई का एजेंट भारतीय क्षेत्रों में युवाओं को आईएसआई के लिए भर्ती करने काम करता था।
एसएसपी बटाला उपिंदरजीत सिंह घुम्मन ने बताया,कि पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपी शमशेर सिंह वासी जोगी चीमा को पुलिस काफी दिनों से तलाश रही थी। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि शमशेर सिंह अपने गांव के पास देखा गया है। यह सूचना मिलते ही पुलिस ने उसे गांव के बाहर घेर कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे में 315 और 12 बोर केदेसी पिस्तौल बरामद किए हैं। एसएसपी ने बताया कि डीएसपी सुच्चा सिंह बल के नेतृत्व में सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर लखविंदर सिंह ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी को पुलिस ने थाना डेरा बाबा नानक के सीमावर्ती गांव शिकार माच्छियां के रहने वाले ज्ञानबीर सिंह उर्फ ज्ञाना को गिरफ्तार किया था, जो आईएसआई के लिए काम करता था। पुलिस की पूछताछ में ज्ञाना ने बताया था कि आईएसआई से उसका संपर्क गांव जोगी चीमा के रहने वाले शमशेर सिंह ने ही करवाया था, जिससे उसके संबंध आईएसआई से बन गए थे। वह वाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान में आईएसआई के अपने हैंडलर से अकसर संपर्क में रह कर बातचीत किया करता था। उसने वाट्सएप से डेरा बाबा नानक क्षेत्र में सेना और बीएसएफ की मूवमेंट की तस्वीरें और सूचनाएं आईएसआई को भेजी थी।
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ज्ञानबीर ने यह भी माना था कि वह भारत की जासूसी के एवज में आईएसआई से पैसे की मांग करता था और हथियार भी मांगता था, ताकि भारतीय पंजाब में हालात खराब किए जा सकें। ज्ञानबीर से ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर अमृतसर में गुप्तचर एजेंसियों के अधिकारी संयुक्त तौर पर पूछताछ की थी। ज्ञानबीर को मिलिट्री कांउटर इंटेलिजेंस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की गुप्तचर एजेंसी की इनपुट पर गिरफ्तार किया गया था। एसएसपी ने बताया कि उक्त दोनों ही आरोपियों ज्ञानबीर सिंह और शमशेेर सिंह पर पुलिस ने 24 जनवरी को मामला दर्ज कर लिया था। आरोपी शमशेर सिंह फरार चल रहा था, जिसे आज गिरफ्तार कर लिया गया है।
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आईएसआई का भारतीय जासूस दो पिस्तौल समेत काबू
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस की गिरफतारी से भाग रहा था उक्त आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए काम करने वाले भारतीय जासूस को बटाला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किया गया आईएसआई का एजेंट भारतीय क्षेत्रों में युवाओं को आईएसआई के लिए भर्ती करने काम करता था।
एसएसपी बटाला उपिंदरजीत सिंह घुम्मन ने बताया,कि पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपी शमशेर सिंह वासी जोगी चीमा को पुलिस काफी दिनों से तलाश रही थी। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि शमशेर सिंह अपने गांव के पास देखा गया है। यह सूचना मिलते ही पुलिस ने उसे गांव के बाहर घेर कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे में 315 और 12 बोर केदेसी पिस्तौल बरामद किए हैं। एसएसपी ने बताया कि डीएसपी सुच्चा सिंह बल के नेतृत्व में सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर लखविंदर सिंह ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
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उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी को पुलिस ने थाना डेरा बाबा नानक के सीमावर्ती गांव शिकार माच्छियां के रहने वाले ज्ञानबीर सिंह उर्फ ज्ञाना को गिरफ्तार किया था, जो आईएसआई के लिए काम करता था। पुलिस की पूछताछ में ज्ञाना ने बताया था कि आईएसआई से उसका संपर्क गांव जोगी चीमा के रहने वाले शमशेर सिंह ने ही करवाया था, जिससे उसके संबंध आईएसआई से बन गए थे। वह वाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान में आईएसआई के अपने हैंडलर से अकसर संपर्क में रह कर बातचीत किया करता था। उसने वाट्सएप से डेरा बाबा नानक क्षेत्र में सेना और बीएसएफ की मूवमेंट की तस्वीरें और सूचनाएं आईएसआई को भेजी थी।
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ज्ञानबीर ने यह भी माना था कि वह भारत की जासूसी के एवज में आईएसआई से पैसे की मांग करता था और हथियार भी मांगता था, ताकि भारतीय पंजाब में हालात खराब किए जा सकें। ज्ञानबीर से ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर अमृतसर में गुप्तचर एजेंसियों के अधिकारी संयुक्त तौर पर पूछताछ की थी। ज्ञानबीर को मिलिट्री कांउटर इंटेलिजेंस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की गुप्तचर एजेंसी की इनपुट पर गिरफ्तार किया गया था। एसएसपी ने बताया कि उक्त दोनों ही आरोपियों ज्ञानबीर सिंह और शमशेेर सिंह पर पुलिस ने 24 जनवरी को मामला दर्ज कर लिया था। आरोपी शमशेर सिंह फरार चल रहा था, जिसे आज गिरफ्तार कर लिया गया है।