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जिला साहित्य केंद्र ने करवाया रु-ब-रु और कवि दरबार
Updated Tue, 03 Apr 2018 10:24 PM IST
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जिला साहित्य केंद्र ने करवाया रूबरू और कवि दरबार
गुरदासपुर। राम सिंह दत्त यादगारी हाल में जिला साहित्य केंद्र की ओर से प्रवासी भारतीय गीतकारों, कवयित्री और रंगकर्मी बख्श संघा और उनके पति जसबीर सिंह के साथ रूबरू और कवि दरबार आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रो. कृपाल सिंह योगी, सुलखन सरहदी, योध सिंह घुम्मण, मक्खन कोहाड़, जेपी खरलांवाला और डॉ. मलकीत की संयुक्त अध्यक्षता में किया गया। जिला साहित्य केंद्र के महासचिव मंगत चंचल ने मौजूद बुद्धिजीवियों और साहित्यकारों का स्वागत भी किया। बख्श संघा ने कहा कि उनकी अब तक तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। वह दोनों पति-पत्नी बड़े ही तालमेल के साथ रंगमंच, गायकी और साहित्य को समर्पित है। इस दौरान आरबी सोहल, जेपी खरलांवाला और सुभाष दीवाना ने अपनी-अपनी पुस्तकें भी इस जोड़े को भेंट की। इस दौरान जिला साहित्य केंद्र की ओर से प्रवासी जोड़े को याद चिह्न और शॉल भेंटकर सम्मानित किया। इसमें प्रताप पारस, शीतल सिंह, महेश चंद्रभानी, सुलखन सरहदी, जतिंदर भनोट, निशान सिंह, सुभाष दीवाना, तरसेम सिंह भंगू, रमनीक हुंदल, डॉ. मलकीत सोहल, मंगलदीप, गुरमीत बाजवा, राजेश बब्बी, गुरप्रीत रंगीलपुर, सुखविंदर रंधावा, गुरमीत सिंह पाहड़ा, विजय तालिब, हरपाल बैंस, राकी शहरीया और विजय अग्निहोत्री को अपने अपने खूबसूरत कलाम पेश किए।
03जीडीआर5-पुस्तक का विमोचन करते सभा के सदस्य
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गुरदासपुर। राम सिंह दत्त यादगारी हाल में जिला साहित्य केंद्र की ओर से प्रवासी भारतीय गीतकारों, कवयित्री और रंगकर्मी बख्श संघा और उनके पति जसबीर सिंह के साथ रूबरू और कवि दरबार आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रो. कृपाल सिंह योगी, सुलखन सरहदी, योध सिंह घुम्मण, मक्खन कोहाड़, जेपी खरलांवाला और डॉ. मलकीत की संयुक्त अध्यक्षता में किया गया। जिला साहित्य केंद्र के महासचिव मंगत चंचल ने मौजूद बुद्धिजीवियों और साहित्यकारों का स्वागत भी किया। बख्श संघा ने कहा कि उनकी अब तक तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। वह दोनों पति-पत्नी बड़े ही तालमेल के साथ रंगमंच, गायकी और साहित्य को समर्पित है। इस दौरान आरबी सोहल, जेपी खरलांवाला और सुभाष दीवाना ने अपनी-अपनी पुस्तकें भी इस जोड़े को भेंट की। इस दौरान जिला साहित्य केंद्र की ओर से प्रवासी जोड़े को याद चिह्न और शॉल भेंटकर सम्मानित किया। इसमें प्रताप पारस, शीतल सिंह, महेश चंद्रभानी, सुलखन सरहदी, जतिंदर भनोट, निशान सिंह, सुभाष दीवाना, तरसेम सिंह भंगू, रमनीक हुंदल, डॉ. मलकीत सोहल, मंगलदीप, गुरमीत बाजवा, राजेश बब्बी, गुरप्रीत रंगीलपुर, सुखविंदर रंधावा, गुरमीत सिंह पाहड़ा, विजय तालिब, हरपाल बैंस, राकी शहरीया और विजय अग्निहोत्री को अपने अपने खूबसूरत कलाम पेश किए।
03जीडीआर5-पुस्तक का विमोचन करते सभा के सदस्य