{"_id":"5a2ac25a4f1c1b156b8bb109","slug":"151512751706-amritsar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्री गुरू गोबिंद सिंह की फारसी जफरनामा अब पंजाबी में पढ़ सकेंगी संगत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्री गुरू गोबिंद सिंह की फारसी जफरनामा अब पंजाबी में पढ़ सकेंगी संगत
Updated Fri, 08 Dec 2017 10:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘जफरनामा-अर्थ व व्याख्या’ का विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
श्री गुरु गोबिंद सिंह की फारसी जफरनामा अब संगत पंजाबी में भी पढ़ सकेगी। श्री अकाल तख्त साहिब से सिख विद्वान ज्ञानी गुरबख्श सिंह गुलशन की पुस्तक ‘जफरनामा-अर्थ व व्याख्या’ का शुक्रवार को विमोचन किया गया। यह पुस्तक जफरनामा का पंजाबी अनुवाद है।
पहले जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने अरदास की। बाद में तख्त श्री हरमंदिर साहिब (पटना) के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, शिरोमणि पंथ अकताली बुड्ढा दल के मुखी जत्थेदार बलबीर सिंह, एसजीपीसी सदस्य किरणजोत कौर और मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह ने पुस्तक रिलीज की।
जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि यह पुस्तक कौम के प्रचार और पंजाब के इतिहास के लिए अहम हिस्सा बनेगी। दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह के रचना जफरनामा फारसी में होने से आम पाठकों के लिए समझना मुश्किल है। उस पुस्तक से काफी कुछ संगत जान सकेगी। इसके लिए वो सिख कौम की तरफ से बधाई के पात्र हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
श्री गुरु गोबिंद सिंह की फारसी जफरनामा अब संगत पंजाबी में भी पढ़ सकेगी। श्री अकाल तख्त साहिब से सिख विद्वान ज्ञानी गुरबख्श सिंह गुलशन की पुस्तक ‘जफरनामा-अर्थ व व्याख्या’ का शुक्रवार को विमोचन किया गया। यह पुस्तक जफरनामा का पंजाबी अनुवाद है।
पहले जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने अरदास की। बाद में तख्त श्री हरमंदिर साहिब (पटना) के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, शिरोमणि पंथ अकताली बुड्ढा दल के मुखी जत्थेदार बलबीर सिंह, एसजीपीसी सदस्य किरणजोत कौर और मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह ने पुस्तक रिलीज की।
विज्ञापन
जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि यह पुस्तक कौम के प्रचार और पंजाब के इतिहास के लिए अहम हिस्सा बनेगी। दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह के रचना जफरनामा फारसी में होने से आम पाठकों के लिए समझना मुश्किल है। उस पुस्तक से काफी कुछ संगत जान सकेगी। इसके लिए वो सिख कौम की तरफ से बधाई के पात्र हैं।
विज्ञापन