फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   15 Sikh devotees reached at Sultanpur Lodhi from Canada

17 देश 21 हजार किमी का सफर तय करके 15 सिख श्रद्धालु पहुंचे भारत, श्री बेर साहिब में नतमस्तक

Tue, 19 Nov 2019 12:18 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी/अमृतसर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी/अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 19 Nov 2019 12:18 AM IST
विज्ञापन
15 Sikh devotees reached at Sultanpur Lodhi from Canada
- फोटो : अमर उजाला

17 देश और 21 हजार किमी का फासला तय कर 15 सिख श्रद्धालु सोमवार को सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में नतमस्तक हुए। इसी के साथ इनकी ‘कनाडा टू सुल्तानपुर लोधी’ यात्रा पूरी हुई। 50 से 55 उम्र के इन श्रद्धालुओं ने ‘सतनाम श्री वाहेगुरु’ के जयकारे के साथ इतने लंबे सफर को तय करके विभिन्न देशों में श्री गुरु नानक देव जी के अमन और सर्व सांझीवालता के संदेश को फैलाया। 

विज्ञापन


10 सितंबर को कनाडा से चली बस और कार का सफर सोमवार को अपने अंतिम पड़ाव सुल्तानपुर लोधी पहुंचकर संपन्न हो गया। इस बस को कनाडा के मुस्लिम कारोबारी अमीर खान ने स्पांसर किया है। खान ने काफिले में बाकायदा एक कार भी भेजी जिसे सिख श्रद्धालुओं ने लाहौर से लौटा दिया। 
विज्ञापन


गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होने के बाद इस दल का नेतृत्व करने वाले कनाडा निवासी गुरचरण सिंह बनवैत ने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर यहां आकर शीश नवाने से उनका जीवन सफल हो गया। जब उन्होंने यात्रा शुरू की तो डर लग रहा था, क्योंकि सभी की उम्र ज्यादा थी और पहली बार इतना लंबा सफर तय करने चले थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

वाहे गुरु का नाम लेकर वे नोवा स्कोटिया से यूके तक सफर शिप में पहुंचे। उसके बाद सड़क के रास्ते 21 हजार किलोमीटर का सफर तय किया। रास्ते में बाबा नानक की तस्वीर देखकर ही किसी देश ने टोल फ्री कर दिया तो किसी दुकानदार ने बिना पैसे लिए सामान देकर अपनी श्रद्धा दिखाई। उन्हें हैरानी हुई कि सबसे ज्यादा प्यार, सत्कार व स्वागत मुस्लिम देशों में हुआ। खासकर पाकिस्तान में। 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने श्री करतारपुर साहिब के गुरुद्वारा साहिब का जीर्णोद्धार करके स्वर्ग बना दिया। वह 17 दिन पाकिस्तान में रहे। हर 10 किलोमीटर पर खुद डीएसपी उनको रिसीव करने के लिए मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि नेता तो भारत-पाकिस्तान में तनाव पैदा करके मजे ले रहे हैं, लेकिन लहू तो किसी मां के बेटे का बह रहा है। लोग ऐसे भड़काने वाले नेताओं से दूर रहे। बनवैत ने बताया कि उनके साथ बीबी सुरजीत कौर, रणजीत सिंह खालसा, बख्शीश सिंह, दलजीत सिंह कनाडा के अलावा नंबरदार तारा सिंह, जगजोतपाल कौर, नवप्रीत सिंह, मलूक सिंह आदि थे। 

इन देशों से होकर पहुंचे
कनाडा के वैंकूवर से चले, कैलगिरी, टोरंटो, नोवा स्कोटिया से होते हुए लंदन (यूके), पेरिस (फ्रांस), फ्रैंकफर्ट (जर्मन), स्विट्जरलैंड, आस्ट्रिया, इस्तांबुल (तुर्की), तेहरान (ईरान), बेल्जियम, हालैंड, इटली, बुल्गारिया, हंगरी, साइब्रेरिया से होते हुए पाकिस्तान के श्री करतारपुर साहिब पहुंचे। आखिर में भारत में यात्रा संपन्न हुई।

अमृतसर भी पहुंचा कनाडा के सिख श्रद्धालुओं का जत्था 
550वें प्रकाश पर्व पर कनाडा से आए सिख श्रद्धालु गुरु नगरी भी पहुंचे। यहां शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उनका स्वागत किया गया। सोमवार सुबह श्रद्धालुओं ने श्री हरमंदिर साहिब के दर्शन कर माथा टेका। एसजीपीसी मुख्यालय पहुंचे इन श्रद्धालुओं का एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह और अन्य ने स्वागत किया। कनाडा निवासी गुरचरण सिंह बनवैत यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं। कनाडा निवासियों का यह जत्था तख्त श्री केशगढ़ साहिब सहित कई गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करने के बाद मुंबई से होते हुए कनाडा लौट जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed