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Amritsar: मरम्मत के लिए बंद हुआ अंग्रेजों के जमाने का बना रीगो ब्रिज, दो साल के लिए डायवर्ट किया गया रूट

Thu, 14 Dec 2023 04:11 PM IST
निवेदिता वर्मा रविंदर शर्मा, संवाद, अमृतसर
रविंदर शर्मा, संवाद, अमृतसर Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 14 Dec 2023 04:11 PM IST
सार

रीगो ब्रिज के निर्माण कार्य में 55 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। इसके लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया जा चुका है और इसकी कोटेशन तैयार करके भेजी जा चुकी हैं। इसमें सबसे बड़ी और खास बात यह है कि नया बनने वाला रीगो ब्रिज फोर लेन होगा।

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118-year-old Rigo Bridge completely closed for traffic in Amritsar
सड़क निर्माण - फोटो : फाइल

विस्तार

अमृतसर में अंग्रेजों के जमाने में 1905 में बनाए गए 118 साल पुराने लोहे के रीगो ब्रिज को आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब लोगों को अगले दो सालों तक सिविल लाइन इलाके में जाने के लिए भंडारी पुल या खालसा कॉलेज के सामने वाले पुल से आना-जाना पड़ेगा। इस पुल को दोबारा बनाकर तैयार करने के लिए रेलवे के ठेकेदार को दो साल की समय अवधि दी गई है।
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बताया जा रहा है कि अगले तीन चार दिनों में इस पुल को तोड़ने का काम जोरशोर से शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंधी प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह पुल दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा और इसे दोबारा जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
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इसके साथ ही डीसी घनशाम थोरी ने ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, नगर सुधार ट्रस्ट अधिकारियों को शहर के लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। ताकि इतने लंबे समय तक लोगों को शहर से सिविल लाइन और सिविल लाइन एरिया से शहर की ओर आने में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं आए। डीसी ने रेलवे के अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि महानगर की ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए रीगो ब्रिज को कम से कम समय में बनाने का प्रयास करें।
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पुल पर 55 करोड़ खर्च कर बनाया जाएगा फोर लेन
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि रीगो ब्रिज के निर्माण कार्य में 55 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। इसके लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया जा चुका है और इसकी कोटेशन तैयार करके भेजी जा चुकी हैं। इसमें सबसे बड़ी और खास बात यह है कि नया बनने वाला रीगो ब्रिज फोर लेन होगा और इसकी चौड़ाई अधिक होने के कारण यहां ट्रैफिक जाम भी नहीं लग सकेगा।

दो साल तक यह इलाके होंगे प्रभावित
रीगो ब्रिज केंद्रीय, उत्तरी और पश्चिमी हलके को जोड़ते हुए शहर की लाइफ लाइन का काम करता है। इस पुल से रोजाना चार-पांच लाख वाहन आवाजाही करते हैं। शहर के हकीमां गेट, भगतांवाला, फतेह सिंह कॉलोनी, भराड़ीवाल, झब्बाल रोड, लाहोरी गेट लोहगढ़, हाथी गेट के अंदरूनी हिस्सों में रहने वाले लोग रीगो ब्रिज के बजाए भंडारी पुल से होते हुए रंजीत एवेन्यू और बटाला रोज जाएंगे। वहीं, इस्लामाबाद, हरीपुरा, डैम गंज, कोट खासला इलाकों में रहने वाले लोगों को खालसा काॅलेज के सामने बने नए पुल से होकर रंजीत एवेन्यू और बटाला रोड जाएंगे। संवाद


अंग्रेजी शासनकाल में 1905 में बना था रीगो ब्रिज
अंग्रेजों ने अपने शासनकाल के दौरान 1905 में इस रीगो ब्रिज को अपनी सुविधा के लिए बनवाया था। उस समय इस पुल की उम्र 50 साल तय की गई थी। जबकि यह पल आज तक कई बार खस्ताहाल हो चुका है और रेलवे विभाग ने इसकी कई बार मरम्मत भी करवाई।
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