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आपसी गुटबाजी का शिकार हुई शिवसेना बालठाकरे। एक दूसरे पर लगा रहे आरोप प्रत्यारोप
Updated Fri, 08 Jun 2018 09:55 PM IST
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नहीं थम रही शिवसेना की गुटबाजी
एक-दूसरे को फर्जी पदाधिकारी बता रहे योगराज शर्मा और हरविंदर सोनी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। शिवसेना बालठाकरे आपसी गुटबाजी का शिकार होती जा रही है जिसकी ताजा मिसाल हाल में देखने को मिली जब शिवसेना बाल ठाकरे के प्रदेश प्रधान योगराज शर्मा ने दावा किया कि गुरदासपुर से अपने आप को शिवसेना बाल ठाकरे का राज्य उपप्रधान बताने वाले हरविंदर सोनी महज साधारण कार्यकर्ता हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी की बुरी तरह हुई हार के बाद प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया था। लिहाजा सोनी का पद भी उसी तरह खत्म हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ लेने के खातिर सोनी अभी तक उस पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने शिवसेना बाल ठाकरे की ओर से जारी डायरी जिसमें प्रदेश प्रधान योगराज शर्मा को बताया गया है, दिखाते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने प्रधान को नहीं मानते वह पार्टी के सिद्धांतों को क्या मानेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द मुंबई में मीटिंग होगी, जिसमें फिर नई कार्यकारिणी बनाई जाएगी। 6 जून को पंजाब में शांति बहाल रखने के लिए डीजीपी समेत पुलिस अफसरों का धन्यवाद किया। दूसरी तरफ हरविंदर सोनी ने प्रदेश अध्यक्ष योगराज के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि वह उन्हें प्रधान नहीं मानते, ऐसे में उनके पास कार्यकारिणी भंग करने का अधिकार कहां से आ गया। नियुक्ति पत्र दिखाते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा में पार्टी प्रदेश से 35 से 40 अपने उम्मीदवार उतारना चाहती थी, लेकिन योगराज ने ऐसा होने नहीं दिया और 15 युवकों को टिकट दिलाई, जो नए नए पार्टी में आए थे। जिसके चलते बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। सोनी ने कहा कि मुंबई में होने वाली बैठक में सारी बातें रखी जाएंगी।
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एक-दूसरे को फर्जी पदाधिकारी बता रहे योगराज शर्मा और हरविंदर सोनी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। शिवसेना बालठाकरे आपसी गुटबाजी का शिकार होती जा रही है जिसकी ताजा मिसाल हाल में देखने को मिली जब शिवसेना बाल ठाकरे के प्रदेश प्रधान योगराज शर्मा ने दावा किया कि गुरदासपुर से अपने आप को शिवसेना बाल ठाकरे का राज्य उपप्रधान बताने वाले हरविंदर सोनी महज साधारण कार्यकर्ता हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी की बुरी तरह हुई हार के बाद प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया था। लिहाजा सोनी का पद भी उसी तरह खत्म हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ लेने के खातिर सोनी अभी तक उस पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने शिवसेना बाल ठाकरे की ओर से जारी डायरी जिसमें प्रदेश प्रधान योगराज शर्मा को बताया गया है, दिखाते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने प्रधान को नहीं मानते वह पार्टी के सिद्धांतों को क्या मानेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द मुंबई में मीटिंग होगी, जिसमें फिर नई कार्यकारिणी बनाई जाएगी। 6 जून को पंजाब में शांति बहाल रखने के लिए डीजीपी समेत पुलिस अफसरों का धन्यवाद किया। दूसरी तरफ हरविंदर सोनी ने प्रदेश अध्यक्ष योगराज के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि वह उन्हें प्रधान नहीं मानते, ऐसे में उनके पास कार्यकारिणी भंग करने का अधिकार कहां से आ गया। नियुक्ति पत्र दिखाते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा में पार्टी प्रदेश से 35 से 40 अपने उम्मीदवार उतारना चाहती थी, लेकिन योगराज ने ऐसा होने नहीं दिया और 15 युवकों को टिकट दिलाई, जो नए नए पार्टी में आए थे। जिसके चलते बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। सोनी ने कहा कि मुंबई में होने वाली बैठक में सारी बातें रखी जाएंगी।