पंजाब में हादसा: मोगा में ऑक्सीजन सिलिंडर जांचते वक्त धमाका, एंबुलेंस चालक की मौत
गांव कोकरी बेहनीवाल निवासी को घर लेकर आए एंबुलेंस ड्राइवर से परिजनों ने मरीज को ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने का आग्रह किया था।
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मोगा के गांव कोकरी वेहनीवाल में सोमवार रात करीब 12 बजे ऑक्सीजन सिलिंडर फटने से एंबुलेंस चालक की मौके पर मौत हो गई, जबकि पास में खड़ा मरीज का दामाद गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब एक निजी एंबुलेंस चालक कोरोना पीड़ित मरीज को मोगा के निजी अस्पताल से उसके गांव कोकरी वेहनीवाल छोड़ने गया था। इस दौरान मरीज के परिवार ने एंबुलेंस चालक को ऑक्सीजन सिलिंडर चेक करने के लिए कहा। जैसे ही एंबुलेंस चालक सतनाम सिंह (19) ऑक्सीजन सिलिंडर चेक करने लगा तो जोरदार धमाका हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार बचन सिंह (60) कोरोना पीड़ित होने के कारण मोगा के सिद्धू अस्पताल में दाखिल थे। सोमवार को रात तबीयत अधिक खराब होने व लेवल तीन पर आने के कारण डॉक्टरों ने परिवार से लुधियाना या फिर किसी बड़े अस्पताल में ले जाने को कहा। इस दौरान अस्पताल ले जाने के बजाय परिवार बचन सिंह को निजी एंबुलेंस के जरिये वापस घर गांव ले गया।
रात करीब 12 बजे जब एंबुलेंस चालक मरीज को छोड़कर लौटने लगा तो पारिवारिक सदस्यों ने उसे घर में रखा ऑक्सीजन सिलिंडर चेक करने को कहा, ताकि रात में जरूरत पड़ने पर उन्हें कोई परेशानी न हो। इस दौरान जैसे ही सतनाम सिंह ऑक्सीजन सिलिंडर चेक करने लगा तो विस्फोट हो गया और सतनाम सिंह की मौत हो गई, जबकि पास में खड़ा बचन सिंह का दामाद सुखदीप सिंह गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद परिवार दोनों को उसी एंबुलेंस के जरिये मोगा के सिविल अस्पताल लाया, जहां सतनाम को डॉक्टरों ने मृत बता दिया, जबकि सुखदीप को निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
मुआवजे के लिए परिवार ने दिया धरना
हादसे के बाद मंगलवार को दोपहर तक सिविल अस्पताल में पुलिस व प्रशासन का कोई भी अधिकारी न पहुंचने पर सतनाम का परिवार सिविल अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गया। इस दौरान मीडिया को जानकारी देते हुए एंबुलेंस चालक सतनाम सिंह के पिता अवतार सिंह ने कहा कि उनका बेटा कोरोना की इस घड़ी में फ्रंटलाइन वर्कर था लेकिन हादसे में उसकी मौत होने के बावजूद जिला प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। सतनाम की मां भी सिविल अस्पताल में बतौर आशा वर्कर काम कर रही है।
अवतार सिंह व उनके रिश्तेदारों ने सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए करीब दो घंटे तक सिविल अस्पताल के बाहर धरना दिया। इस मौके पर डीएसपी सिटी बरजिंदर सिंह भुल्लर पुलिस टीम के साथ पहुंचे। एंबुलेंस के मालिक ने अपनी ओर से परिवार को एक लाख 60 हजार रुपये दिए लेकिन प्रशासन ने सतनाम सिंह के परिवार के लिए कोई मुआवजा घोषित नहीं किया।
घर में सिलिंडर रखने पर होगी कार्रवाई
एसडीएम मोगा सतवंत सिंह ने कहा कि घर में ऑक्सीजन सिलिंडर रखने को लेकर बचन सिंह के परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच की जा रही है, जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी। बता दें कि जिला प्रशासन काफी पहले आदेश जारी कर चुका है कि कोई भी अपने घर में ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं रख सकता और अगर किसी के पास है तो वह तुरंत सरकारी अस्पताल में जमा करवा दे।
जानकारी के अभाव में हुआ हादसा
जिस समय एंबुलेंस चालक सतनाम सिंह ऑक्सीजन सिलिंडर चेक कर रहा था तो उसके साथ या वहां पर कोई भी अस्पताल का स्टाफ या माहिर नहीं था। ऐसे में हादसे का कारण जानकारी न होना भी माना जा रहा है। चूंकि सतनाम सिंह की आयु 19 वर्ष ही थी और एंबुलेंस पर ड्राइवरी करते भी करीब पांच माह ही हुए थे। थाना अजीतवाल की पुलिस मामले की जांच कर रही है।