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बिजनौर में सपा विधायक समेत 35 नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में सामूहिक रोजा इफ्तार पार्टी में जाने पर सपा विधायक समेत 35 पर मुकदमा किया गया है। कोरोना महामारी के दौर में सामूहिक रोजा इफ्तार कार्यक्रम में हिस्सा लेने के आरोप में नगीना पुलिस ने सपा विधायक मनोज पारस सहित 35 नेताओं के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
बिजनौर में चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों में चले लाठी-डंडे, एक महिला की मौत
बिजनौर के हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव कड़ापुर में चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे चल गए। इस दौरान गांव निवासी सविता की मौत हो गई। इसके बाद पीड़ित पक्ष के लोगों ने थाने के सामने जाम लगा दिया। सीओ सिटी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। वहीं पिछले एक सप्ताह में एक दर्जन से ज्यादा चुनावी रंजिश को लेकर मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं।
मुजफ्फरनगर में एक युवक ने अपने बड़े भाई को मारी गोली, हालत गंभीर
मुज़फ्फरनगर के मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव कैथोडा में आपस में हुई कहासुनी को लेकर छोटे भाई ने अपने बड़े भाई को गोली मारकर घायल कर दिया। पुलिस ने घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उधर, आरोपी तमंचा लहरते हुए फरार हो गया।
नरेश टिकैत बोले, किसानों ने दिल्ली में अपना नेता खो दिया
रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह के निधन पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेश टिकैत ने गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि किसानों ने दिल्ली में अपना नेता खो दिया। जब 28 जनवरी को किसान आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया गया, तब चौधरी अजित सिंह ने बड़ा हौसला दिया। चौधरी साहब का किसानों को बड़ा सहारा था। आंदोलन के बीच-बीच में भी बात करते रहे और हमेशा हौसला अफजाई करते रहे। चौधरी साहब का जाना किसानों के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। ऐसा नुकसान, जिसका आकलन भी मुश्किल है।
मानवता शर्मसार: निजी हॉस्पिटल ने मरीज को निकाला और मेडिकल में शव से जेवरात उतारे
मेरठ में सीसीएसयू के इतिहास विभाग में टीचिंग असिस्टेंट डॉ. पवन कुमार की कोरोना से मौत के बाद परिजनों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि निजी अस्पताल में उन्हें ठीक से इलाज नहीं दिया गया। उन्हें जबरन रेफर कर दिया गया। वहीं, मेडिकल कालेज में मौत के बाद उनके शव से जेवरात निकाल लिए गए। मानवता को शर्मसार करने वाली ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आ रही हैं।
जाएं तो जाएं कहां, कहीं बेड तो कहीं ऑक्सीजन का संकट
मेरठ में कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचाने के लिए जूझ रहे तीमारदारों को समझ नहीं आ रहा है कि वे जाएं तो जाएं कहां। किसी अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा तो कहीं ऑक्सीजन नहीं मिल रही। एक ही अस्पताल में भी अधिकतर मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा है।
भाजपा के सामने 12 वोट जुटाना है बड़ी चुनौती
मेरठ में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर जोड़तोड़ शुरू हो चुकी है। मामला वर्चस्व कायम करने का है तो निश्चित रुप से चुनाव होगा, लेकिन अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा का पलड़ा विपक्ष के सामने बहुत कमजोर नजर आ रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर इस समय भाजपा सहित विपक्षी दलों में मंथन शुरू हो चुका है। मेरठ में भाजपा के पांच, सपा के सात, बसपा के आठ और रालोद के आठ सदस्य सहित आम आदमी पार्टी का एक और चार निर्दलीय जीत कर आए हैं।
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