एक समय हुआ करता था जब अफगानिस्तान में भी महिलाएं दुनिया के अन्य लोकतांत्रिक दशों की तरह खुले आम कहीं भी आ जा सकती थीं, उन्हें पढ़ने और काम करने की आजादी थी। लेकिन तालिबान के उदय के साथ-साथ वहां महिलाओं की स्थिति बिगड़ती चली गई। अब जब एक बार फिर तालिबान ने अफगानिस्तान पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, सबसे बड़ा मुद्दा महिलाओं के अधिकारों के हनन का उठ रहा है।
यहां हम आपको तस्वीरों के जरिए दिखाने जा रहे हैं कि तालिबान के आने से पहले अफगानिस्तान में हालात कैसे थे। ये तस्वीरें खींची थीं विलियम पॉडलिच ने। विलियम पॉडलिच अपने परिवार के साथ लंबे समय तक अफगानिस्तान में रहे थे। ये तस्वीरें देखकर यह यकीन कर पाना मुश्किल है कि ये उसी अफगानिस्तान की तस्वीरें हैं जिसके भयावह दृश्य हम आज-कर सोशल मीडिया और समाचार चौनलों पर देखते हैं।
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अफगानिस्तान में स्कूल से लौटतीं लड़कियां
- फोटो : विलियम पॉडलिच
स्कूल से लौट रही लड़कियों की ये तस्वीर देखकर लोगों को यकीन नहीं होगा कि यह अफगानिस्तान की है। पहले यहां लड़कियों को पढ़ाई करने की और स्कूल-कॉलेज जाने की पूरी आजादी थी जिले बाद में तालिबान ने प्रतिबंधित कर दिया था।
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काबुल में पागमान गार्डन का दृश्य
- फोटो : विलियम पॉडलिच
यह तस्वीर राजधानी काबुल में स्थित पागमान गार्डन की है। तस्वीर में दिख रहीं युवतियां विलियम पॉडलिच की बेटी जैन (बाईं ओर) और पेग हैं। यह तस्वीर साफ बताती है कि आगे बढ़ने के स्थान पर अफगानिस्तान अब कितना पीछे चला गया है।
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काबुल से पाकिस्तान की यात्रा का एक दृश्य
- फोटो : विलियम पॉडलिच
यह तस्वीर काबुल से पाकिस्तान की एक यात्रा की है। लोगों के चेहरों पर न डर दिखाई दे रहा है और न तालिबान जैसे किसी गुट की चिंता। आज के समय में इस तरह अफगानिस्तान में घूमने की कल्पना करना भी बहुत मुश्किल हो गया है।
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काबुल का एक गांव
- फोटो : विलियम पॉडलिच
तालिबानी हिंसा और उत्पीड़न के लिए कुख्यात हो चुके काबुल काबुल के गांवों की बाजारों में भी एक समय लोग दूर-दूर से खरीदारी करने आया करते थे। यह तस्वीर काबुल के गांव इस्तालिफ की है जहां जैन पॉडलिच खरीदारी कर रही हैं।