हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की मौत के पीछे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विनय त्यागी की हत्या केवल 20 लाख रुपये के लेनदेन का नतीजा थी, या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है। इस बीच गैंगस्टर की बेटी तनवी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि गोली लगने के बाद गंभीर हालत में विनय को लेकर तीन-तीन अस्पतालों के चक्कर लगाए गए। गंभीर हालत में इलाज के लिए भटकाया गया। एंबुलेंस की स्पीड कम कर दी गई थी।
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गैंगस्टर विनय त्यागी के अंतिम यात्रा के दौरान विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटी तनवी ने देर से हायर सेंटर पहुंचाने पर भी सवाल खड़े किए। परिवार ने पूरे प्रकरण की विधिवत जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बेटी ने कहा, कानूनी लड़ाई को जारी रखा जाएगा। दोषियों को सजा दिलाकर ही पिता के मृत्यु का प्रतिशोध लिया जाएगा।
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एम्स ऋषिकेश की मोर्चरी के बाहर बैठे विनय त्यागी के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधर, पुलिस का दावा है कि सन्नी यादव और उसके साथी अजय ने रंजिश में फायरिंग की। इस घटना को गैंगवार का भी नतीजा माना जा रहा है। परिजनों का दावा है कि विनय त्यागी के पास करीब 750 करोड़ रुपये के कालेधन से जुड़ी अहम जानकारी थी।
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जागृति विहार सेक्टर 1 में अंतिम यात्रा से पहले पिता की मौत के बाद घर जाते विनीत त्यागी के बेटे
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एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि जिस तरह हमला हुआ क्या वह पहले से प्लानिंग का नतीजा था? पुलिस को इस सवाल का भी जवाब खोजना होगा कि हमलावरों को जाम के ठीक समय विनय त्यागी का वाहन वहां पहुंचने की सूचना कहां से मिली।
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गैंगस्टर विनय त्यागी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संगीन वारदातों को दिया अंजाम
कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले गैंगस्टर विनय त्यागी को 16 वर्ष की उम्र में अपने सहपाठी को पीटने के मामले में बाल सुधार गृह भेजा गया था। वह जब लौटा तो उसने सुधरने के बजाय अपराध को ही पेशा बना लिया। 1985 में वह शरद त्यागी गिरोह में शामिल हुआ। इसके बाद कुख्यात बदन सिंह बद्दो, नीरज भाटी, धर्मेंद्र सिरोही और सुनील राठी के साथ भी उसका नाम जुड़ा।