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इस बार का रक्षाबंधन खास, न ग्रहण की छाया न भद्रा का झंझट, कई वर्षों बाद ऐसा शुभ मुहूर्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 26 Aug 2018 10:39 AM IST
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raksha bandhan
भाई-बहन का त्योहार रक्षा बंधन इस बार बेहद खास होगा। इस बार न ग्रहण की छाया है न भद्रा का झंझट है। राखी बांधने के लिए 11 घंटे का शुभ मुहूर्त मिल रहा है। काशी के ज्योतिषियों के अनुसार कई वर्षों बाद ऐसा शुभ संयोग आया है। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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- फोटो : paras negi/ amarujala dehradun
अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिये हर बहन रक्षा बंधन के दिन का इंतजार करती है। श्रावण मास की पूर्णिमा को यह पर्व मनाया जाता है। इस पर्व को मनाने के पिछे कहानियां हैं। साल में एक बार आने वाले इस त्योहार के दिन भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन लेते हैं।
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- फोटो : kundali
श्री काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री पं. दीपक मालवीय का कहना है कि पूर्णिमा तिथि 25 अगस्त शनिवार को दोपहर 2:25 बजे ही लग जाएगी। यह 26 अगस्त शाम 4:16 बजे तक रहेगी। भद्रा 25 अगस्त को दोपहर 2:25 से प्रारंभ और देर रात्रि 3:21 तक होगी। इसलिए 26 अगस्त को प्रात: काल से दिनभर रक्षाबंधन और ब्राह्मणी का श्रावणी उपाकर्म मनाया जाएगा। रक्षाबंधन का सर्वश्रेष्ठ काल दोपहर 1:14 बजे से 3:46 मिनट तक होगा।
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बहनों के लिए उपहार खरीदने में लगे हुए हैं
- फोटो : balia
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शोध छात्र पं. गणेश प्रसाद मिश्रा का कहना है कि इस बार भद्रा नहीं होने के कारण विशेष संयोग भी रक्षा बंधन के दिन बन रहा है। इस बार बहनें शाम 5 बजे तक अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी। इस बार 11 घंटे तक राखी बांधने का समय है।
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रक्षाबंधन पर सजे मोहाली के बाजार।
- फोटो : अमर उजाला
राखी की थाली में कुमकुम, हल्दी, चावल, राखी और कुछ पैसे रखे जाते हैं। इसके अलावा कलश में पानी और आरती के लिए ज्योति भी रखी जाती है। इसके साथ ही भाई की पसंदीदा मिठाई भी रखी जाती है।