उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और भोजपुरी फिल्म अभिनेता दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' ने 20 अप्रैल को नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्र में 'निरहुआ' ने एक जानकारी छुपाई थी। जिस पर एक व्यक्ति ने तथ्य छुपाने पर 'निरहुआ' का नामांकन पत्र निरस्त कर कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद शिकायती पत्र पर आरओ ने स्पष्टीकरण भी मांगा। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
मुंबई निवासी शशिकांत सिंह ने आजमगढ़ के रिटर्निंग ऑफिसर शिवाकांत द्विवेदी को एक पत्र लिखकर बताया कि 'निरहुआ' पर 18 जुलाई 2018 में एक मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसे 'निरहुआ' ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय छिपाया है। आरओ शिवाकांत द्विवेदी ने निरहुआ से इसका स्पष्टीकरण मांगा।
स्पष्टीकरण पर 'निरहुआ' ने सोमवार को फिर से संशोधित नामांकन पत्र दाखिल किया। पत्रकारों से मुखातिब होते हुए निरहुआ ने बताया कि उन्होंने सोमवार को 4 सेट में पर्चा दाखिल किया। 'निरहुआ' ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि उन पर मुंबई में मुकदमा दर्ज है। जिसके चलते उन्होंने आपराधिक गतिविधि में शून्य दर्शा दिया था। अगर जरूरत पड़ी तो कल भी पर्चा दाखिल कर सकते हैं।
'निरहुआ' ने कहा कि मैं सपा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव ना लड़ने की सलाह देता हूं। इस बयान का स्पष्टीकरण देते हुए 'निरहुआ' ने कहा कि आजमगढ़ की 8 विधानसभा पर जनता ने सपा को जिताया है। जनता सपा पर और पार्टी के मुखिया पर बहुत भरोसा करती है। अखिलेश यादव को अगर आजमगढ़ के जनता से जो प्यार है, उसे उन्हें दिखाना चाहिए। आजमगढ़ को देश पटल पर ले जाना चाहिए। आजमगढ़ के विकास के लिए काम करना चाहिए। लेकिन वह ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे वे जनता को धोखा दे रहे हैं। इसके अलावा सपा सिर पीटती है कि हमारी सत्ता नहीं है, तो हम काम कहां से कराएं।
'निरहुआ' ने कहा कि अखिलेश के पिता मुलायम सिंह यादव ने संसद में नरेंद्र मोदी को अगला प्रधानमंत्री बता दिया था। वहीं, अखिलेश यादव भी खुद कहते हैं कि वह प्रधानमंत्री की दौड़ से बाहर हैं। तो ऐसे में मेरी सलाह है कि अखिलेश यादव को भाजपा से चुनाव लड़ना चाहिए। क्योंकि जब उन्हें गठबंधन करना ही है, तो उसके साथ गठबंधन करें जो देश का विकास चाहता है। जो देश के विकास के लिए काम कर रहा है।