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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: टूट रहे मकान निकल रहे भगवान, एक मंदिर ऐसा भी जिसे देख सब हैरान
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 07 Dec 2018 07:22 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए ध्वस्तीकरण का कार्य जारी है। काशी विश्वनाथ की गलियों में मकानों के ध्वस्तीकरण से चौंका देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। प्रस्तावित कॉरिडोर क्षेत्र में ध्वस्तीकरण के कार्य में अब तक 43 मंदिर और काफी विग्रह मिल चुके हैं। इनमें कुछ 11वीं से 12वीं शताब्दी के भी बताए जाते हैं। लेकिन एक मंदिर को देख कर लोग हैरान हैं। ये मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर के जैसा ही दिखता है। आगे की स्लाइड्स में देखें....
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ध्वस्तीकरण के बाद सामने आए कई मंदिरों के विग्रहों के मंदिर प्रशासन ने जांच के लिए पुरातत्व विभाग को दे दिया है। काशी में विश्वनाथ मंदिर से लेकर गंगा तक का एक कॉरिडोर बनाया जा रहा है। ताकि श्रद्धालु आसानी से विश्वनाथ मंदिर तक पहुंच सकें। इसके लिए आसपास की घनी आबादी के मकानों को खरीद कर उन्हें ढहाया जा रहा है। इसी क्रम में विश्वनाथ मंदिर जैसा मंदिर मिला है।
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सोमवार को भी एक शिवलिंग एक मकान के सीढि़यों के नीचे मिला। खुदाई कर रहे मजदूरों ने इसकी जानकारी मंदिर प्रशासन को दी। मंदिर प्रशासन ने तत्काल सफाई कराकर उस विग्रह का पूजा कराई। इसके बारे में मंदिर प्रशासन ने ट्विीट भी किया कि कॉरिडोर बनाने के लिए चल रहे ध्वस्तीकरण के कार्य में हर दिन कोई न कोई प्राचीन प्रतिमा और मंदिर मिल रहे हैं। इस दौरान हमें कई मंदिर मिले, लेकिन सीढि़यों के नीचे मिले शिवलिंग से सभी लोग अचरज में पड़ गए हैं।
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काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए जारी ध्वस्तीकरण प्रोजेक्ट अब संरक्षण कार्यक्रम में बदल रहा है। ध्वस्तीकरण के दौरान बड़ी संख्या में मिल रहे प्राचीन मंदिरों और शिवलिंग की वजह से यह बदलाव किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन की ओर से कुछ नामों का प्रस्ताव पीएमओ को भेजा जाएगा। नाम का फैसला पीएमओ से ही होगा।
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विश्वनाथ मंदिर से लेकर मर्णिकर्णिका घाट तक बन रहे कॉरिडोर क्षेत्र में मकान नंबर सीके 34 बाई 27 में जो मंदिर मिला उसकी पूरी प्रति कृति तो विश्वनाथ मंदिर की है, लेकिन शिव लिंग और नंदी की साइज बड़ा है।