फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जानिए बीएचयू चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की वजह, कैसा रहा डॉ. रोयाना सिंह के डेढ़ साल का कार्यकाल

Tue, 30 Apr 2019 01:52 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: Sayali Maurya Updated Tue, 30 Apr 2019 01:52 PM IST
विज्ञापन
BHU chief procter royana singh resignation reason is here

अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर डॉ. रोयाना सिंह का नाम हमेशा विवादों में घिरा रहा। डॉ. रोयाना सिंह ने गौरव हत्याकांड में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बीएचयू के कुलपति को अपना इस्तीफा दे दिया था। जिसे कुलपति ने 29 अप्रैल को मंजूर कर लिया। इसके पहले सितंबर 2017 में बीएचयू में छात्रा के साथ छेड़खानी, लाठीचार्ज, बवाल के दौरान चीफ प्रॉक्टर रहे प्रो. ओएन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 28 सितंबर 2017 को चिकित्सा विज्ञान संस्थान(आईएमएस) में एनॉटमी विभाग की प्रो. रोयाना सिंह को विश्वविद्यालय प्रशासन ने चीफ प्रॉक्टर नियुक्त किया गया था। इस तरह से रोयाना सिंह बीएचयू की पहली महिला चीफ प्रॉक्टर बनीं। जानिए उन विवादों के बारे में जो रोयाना सिंह के कार्यकाल में हुए हैं और उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...

BHU chief procter royana singh resignation reason is here

सबसे पहला विवाद 18 मार्च 2018 को सामने आया था। लंका थाना अंतर्गत तुलसीदास कॉलोनी नरिया निवासी आशीष कुमार सिंह ने अपने अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी के जरिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में कहा कि प्रार्थी बीएचयू परिसर से सटी जमीन पर दुकान खोलकर भूसा और पशुओं के चारे को बेचता है। आरोप था कि 7 मार्च 2018 को सुबह नौ बजे बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने 10 अज्ञात सुरक्षाकर्मी के साथ उसकी दुकान पर पहुंचीं। इसके बाद जानलेवा हमला, लूटपाट और अगवा करने का प्रयास किया। जिसके बाद चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह, संपदा विभाग के लाल बाबू पटेल, प्रॉक्टोरियल बोर्ड के संसार सिंह और 24 सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश सीजेएम जनार्दन प्रसाद यादव की कोर्ट ने लंका थानाध्यक्ष को दिया था।

BHU chief procter royana singh resignation reason is here

इसके बाद बीएचयू में बीएससी नर्सिंग की मान्यता न होने के विरोध में 29 नवंबर 2018 को छात्र-छात्राओं ने नर्सिंग कॉलेज के सामने रास्ता जाम कर धरना दिया था। सूचना पाकर सुरक्षाकर्मियों संग पहुंची चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने उन्हें रास्ते से हटने को कहा। इस दौरान चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने छात्र-छात्राओं की पिटाई भी की थी। चीफ प्रॉक्टर ने छात्रा मंजू कुमारी को थप्पड़ जड़ दिया था। जिससे छात्रा के बाएं कान का पर्दा फट गया था। 2 दिसंबर 2018 को जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर ने जब कान का पर्दा फटने की जानकारी दी तो छात्रा रोने लगी थी। इसके बाद छात्रा चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने लंका थाने पहुंची। मंजू कुमारी ने तहरीर के साथ ही डॉक्टर की जांच रिपोर्ट भी पुलिस को दी। 4 दिसंबर 2018 को रोयाना सिंह के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
BHU chief procter royana singh resignation reason is here

कैंपस में चंदन के पेड़ चोरी मामले के बाद से छात्रों में रोयाना सिंह को लेकर काफी आक्रोश था। जिसमें चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह के खिलाफ छात्रों ने 18 दिनों तक धरना दिया था। धरने के दौरान छात्रों ने अपने खून से पत्र लिखकर उसे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल आदि को भेजकर चीफ प्रॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। छात्रों ने अपने सिर का मुंडन कराकर 11 बटुकों को भोज भी करवाया था। बताते चलें कि छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर भी विरोध जताया था। इसके बाद 17 दिसंबर 2018 को कुलपति के आश्वासन के बाद छात्रों ने 18 दिन के बाद धरना खत्म किया था।

विज्ञापन
BHU chief procter royana singh resignation reason is here
थाने में दी गई लिखित तहरीर - फोटो : amar ujala

इसके बाद 12 मार्च 2019 को बीएचयू के एक दिव्यांग छात्र ने चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ लंका थाने में लिखित तहरीर दी थी। अपनी तहरीर में छात्र ने बताया कि 12 मार्च को हुए बवाल के बाद रात में चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह एक दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मियों के साथ बिड़ला हॉस्टल में तलाशी लेने पहुंचीं। सभी गार्ड छात्रों के कमरे जबरदस्ती खुलवा कर कमरों की तलाशी ले रहे थे। इस दौरान दिव्यांग छात्र को देखते ही चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा- इसे पकड़ो ये बाहरी छात्र है। दर्जन भर गार्ड उस पर टूट पड़े और पीटते हुए आंख फोड़ने की धमकी दी। उसका आई कार्ड भी छीन लिया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि चीफ प्रॉक्टर ने उसे निलंबित करने की धमकी दी। हालांकि इस तहरीर पर रोयाना सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed