शामली के जलालाबाद में अवैध रूप से रहने वाले म्यांमार के चारों युवकों पर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। इस संबंध में पुलिस जल्द ही कोर्ट में रिमांड के लिए अर्जी दाखिल करेगी।वहीं खुफिया विभाग को जानकारी मिली है कि दोनों भाइयों का थाईलैंड में आलीशान मकान है। वहीं अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों ने विदेश में आलीशान मकान किस उद्देश्य से बनाया।
यूपी: मदरसे के छात्रों ने थाईलैंड में कैसे बना लिया आलीशान मकान, चारों युवक रिमांड पर खोलेंगे राज
इस प्रकरण में पुलिस चारों आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस इनके बयान और उनसे मिले दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर कोर्ट में पेश कर रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। इसके लिए पुलिस फाइल तैयार कर रही है।
माना जा रहा है कि एक-दो दिन में पुलिस कोर्ट में रिमांड अर्जी दाखिल करेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा को केंद्र में रखकर पुलिस कई बिंदुओं पर खाका तैयार करने में जुटी है। थाना प्रभारी संदीप ने बताया कि जल्द ही रिमांड अर्जी दाखिल की जाएगी।
पुलिस और खुफिया टीम ने जलालाबाद की खुशनुमा कॉलोनी में छापेमारी कर मदरसे में पढ़ाने वाले अब्दुल मजीद और पढ़ने वाले तीन भाई नोमान, फुरकान और रिजवान को गिरफ्तार किया था। जांच में चारों म्यांमार के निवासी पाए गए, जो यहां पर अवैध रूप से रह रहे थे।
अब्दुल मजीद को मदरसे में बतौर शिक्षक रखने, अन्य तीनों को दाखिला देने और उनके बारे में प्रशासन को सूचना न देने के आरोप में दारुल उलूम मदरसा जलालाबाद के मोहतमिम वासिफ अमीन, मदरसा अशफिया थानाभवन के प्रबंधक कारी आशरफ, मिफ्ता उल उलूम जलालाबाद के मोहतमिम/प्रबंधक मौलाना हफीयुल्ला की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए गिरफ्तार किया था।