संभल जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में शामिल दीपा सराय निवासी शारिक साटा के खिलाफ एसआईटी के दो विवेचकों ने धारा 209 बीएनएस के तहत नखासा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह कार्रवाई तब की जाती है जब भगोड़ा घोषित होने के बाद भी आरोपी न्यायालय में पेश नहीं होता है। इसके बाद ही कुर्की और परमानेंट वारंट की कार्रवाई आगे बढ़ती है।
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संभल हिंसा
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एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि शारिक साटा के दीपा सराय स्थित घर पर एसआईटी ने बीएनएसएस की धारा 84 के तहत नोटिस चस्पा किया था। 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद भी वह न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ। इसके चलते जांच अधिकारियों ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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Sambhal violence
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एसपी ने बताया कि शारिक साटा के खिलाफ मुख्य अपराध संख्या 340/24 और 306/24 में हत्या, बवाल की साजिश व अन्य गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। इंस्पेक्टर सत्यविजय सिंह और इंस्पेक्टर रजनीश कुमार विवेचना कर रहे हैं। इन दोनों विवेचक के द्वारा ही नोटिस चस्पा किया गया था। अब रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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एसपी ने बताया कि शारिक साटा के गिरोह के सदस्य मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें मुल्ला अफरोज के खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। शारिक साटा ने इन्हीं तीन गुर्गों को हथियार उपलब्ध कराए थे और बवाल में गोली चलवाई थी।
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जिसमें आम लोगों की जान गई थी। जबकि 28 पुलिसकर्मी और एक एसडीएम घायल हुए थे। मालूम हो बवाल में पांच लोगाें की जान गई थी। जिसमें चार हत्या के मामले दर्ज किए गए थे। एक मृतक के परिजनों ने कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया था।