शामली जनपद में कांधला के मोहल्ला रायजादगान में शनिवार को तीन महिलाओं के शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे तो परिजन बिलख उठे। माहौल गमगीन हो गया। चौपाल से जैसे ही तीनों महिलाओं की अर्थी उठी तो लोगों की आंखें नम हो गई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शुक्रवार को एक पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में तीनों महिलाएं सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। आगे तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट-
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तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में तीन महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत हुई। शनिवार को सुबह लगभग छह बजे मोहल्ला रायजादगान में तीनों महिलाओं के शव उनके घर पहुंचे।
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विलाप करते परिजन
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बता दें कि सबसे पहले निर्मला पत्नी श्यामलाल का शव को लेकर जैसे ही एंबुलेंस उनके घर के सामने पहुंची तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। निर्मला की पुत्री व पुत्र अपनी मां के शव से लिपट कर रोते रहे।
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परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल
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इसके बाद सरस्वती पत्नी विरेन्द्र और नरेशो पत्नी रामफल के शव मोहल्ले में पहुंचे तो परिजनों के करुण रुदन से वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान लोगों ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाते हुए सांत्वना दी। दोपहर में आंबेडकर चौपाल से तीनों की अर्थी एक साथ उठी। चौपाल से नाला रोड स्थित हरिजन मुक्ति धाम श्मशान घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
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शव पहुंचने पर गमगीन हुआ माहौल
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निर्मला के शव को उसके पुत्र रोहित ने, सरस्वती के शव को उसके पुत्र दीपक ने और नरेशो के शव को उसके सुमित पुत्र ने मुखाग्नि दी। एक साथ तीनों चिताएं जलने से श्मशान घाट में भी माहौल गमगीन बना रहा। इस दौरान पूर्व मंत्री एवं एमएलसी विरेन्द्र सिंह, विधायक तेजेन्द्र निर्वाल सहित लोगों की भीड़ मौजूद रही।