जगह मेरठ का परीक्षितगढ़, सोमवार तड़के करीब 4:00 बजे थे। बारिश के साथ हवा भी चल रही थी। घर के बाहर बिजली का मीटर लगा है। रोजाना की तरह पूरन गिरी सुबह उठे और दरवाजा खोला। तभी दरवाजा मीटर से टकरा गया, जिसमें करंट उतर गया। करंट की चपेट में पूरन गिरी आए। पिता की चीख सुनकर बेटा निखिल (21) और आशुतोष (18) बचाने के लिए दौड़े। तभी वह भी करंट की चपेट में आ गए। यह घटना सिर्फ तीन मिनट में हो गई है। पिता और उसके दोनों पुत्रों ने तड़पकर दम तोड़ दिया।
पूरन गिरी और उसके पुत्र भैंसा-बुग्गी से मिट्टी डालने का काम करते हैं। सुबह उन्हें गांव में राम स्वरूप के यहां पर मिट्टी डालनी थी। पूरन गिरी सुबह चार बजे पशुओं को चारा करने के लिये उठे। तभी उन्होंने घर का मुख्य दरवाजा खोल दिया। दरवाजा बिजली के मीटर के कटे तार से छू हो गया। बताया गया कि तार घिस रहा था, जिसमें चलते दरवाजे में करंट उतर गया।
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मौके पर मौजूद लोग व विलाप करते परिजन
- फोटो : Amar Ujala Meerut
पूरन गिरी की चीख सुनकर निखिल पहुंचा, लेकिन वह भी चपेट में आ गया। पिता और भाई की चीख सुनकर आशुतोष भी बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन वह भी चपेट में आ गया। पिता और दोनों पुत्रों ने तड़प तड़पकर जान दे दी। पति और दोनों पुत्रों की तड़पते देखकर पत्नी कृष्णा ने शोर मचाया, जिसमें आसपास के लोगों में जाग हो गई। पड़ोसी बागेश ने सूझबूझ का परिचय देते मीटर के पास केबिल में डंडा मारा। तब जाकर दरवाजे से करंट हटा।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : Amar Ujala Meerut
ग्रामीणों ने बताया कि केबिल में चिंगारी उठ रही थी, जिसमें एक तार पूरन गिरी के पशुओं के ऊपर गिर गया। जिसमें दो पशुओं की भी मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में पिता और उनके दो पुत्रों की मौत होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि बिजली विभाग का कर्मचारी मीटर की रिडिंग लेने के लिये आता है। पूरन गिरी ने कर्मचारी से भी कहा था कि मीटर घर के गेट से थोड़ा हटाकर लगा लें, लेकिन उसने नहीं सुना था। इस हादसे को ग्रामीण बिजली विभाग की लापरवाही के चलते मान रहे है।
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करंट लगने से मौत
- फोटो : Amar Ujala Meerut
तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे एक्सईएन
ग्रामीणों में विद्युत निगम के प्रति जबरदस्त आक्रोश था। भाजपा विधायक दिनेश खटीक और पुलिस अधिकारी पहुंचे तो ग्रामीणों ने विद्युत निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों को कॉल की। घटना के तीन घंटे बाद बिजली विभाग के एक्सईएन प्रवीण कुमार मौके पर आए। एसडीएम मवाना भी पहुंचे। विधायक ने नाराजगी जताते हुए पीड़ित परिवार के लोगों को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। एक्सईएन ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
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मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : Amar Ujala Meerut
पुलिस फोर्स की मौजूदगी में तीनों शवों का श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस हादसे में बाद गांव में कई घरों में दिनभर चूल्हे तक नहीं जले है। ग्रामीणों ने बताया कि पूरन व उसके बेटे बहुत ही सरल स्वभाव के थे तथा गांव के सभी लोगों से मिल जुलकर रहते थे।