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बच्चियों से दरिंदगी: पुलिस चाहती तो एक माह पहले गिरफ्तार हो जाता दरिंदा, ऑडियो ने खोली एसओ की पोल 

Sun, 05 May 2019 03:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 05 May 2019 03:39 PM IST
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sexual harassment case Meerut: Police could have arrest accused a month ago, Audio opened SO Poll
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी के साथ तीन से चार मासूम भी दिखाई दे रही हैं। - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में जागृति विहार के विमल चंद की बच्चियों से हैवानियत का राजफाश करने वाला टेक्नीशियन आशु कनौजिया है। सीसीटीवी कैमरे को ऑनलाइन कर हैवानियत की फुटेज उसने ही ली। नहीं तो और कितनी मासूम बच्चियों को हैवान हवस का शिकार बनाता। 



आरोपी विमलचंद को ब्लैकमेल करने पर आशु जेल चला गया। लेकिन यदि एसओ मेडिकल कैलाश चंद चाहते तो हैवान को एक माह पहले गिरफ्तार कर लेते। लेकिन पता नहीं क्यों मामले में एसओ पर पुलिस अधिकारी मेहरबान हैं। 

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बच्चियों से यौन शोषण का आरोपी विमल चंद, पुलिस ने इसे गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। - फोटो : अमर उजाला

एक ऑडियो ने एसओ की पोल खोली है। जिसमें एसओ बोल रहे हैं कि आशु तुमने ‘विमल चंद जी’ को जो गिफ्ट में पेन ड्राइव भेजी है, वह मैंने देख ली। इस पेन ड्राइव में विमल चंद का बच्चियों के साथ घिनौना कारनामा था। 

ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब एसओ ने पेन ड्राइव में हैवान की बच्चियों से दरिंदगी देख ली थी तो वह खामोश क्यों रहे। वहीं एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि एसओ के खिलाफ जांच बैठा दी है।

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सीसीटीवी में कैद हुई आरोपी की घिनौनी करतूत - फोटो : अमर उजाला

चुप्पी साधता तो कैसे खुलती पोल 
सब कुछ जानकर भी पुलिस अनजान बन गई। एसओ ने हैवान की करतूत पर चुप्पी साध ली। लेकिन आशु फिर भी लगा रहा। आशु को पैसे का लालच हो सकता है। लेकिन हैवान को वह बेनकाब करना चाहता था। फुटेज लेकर वह एसएसपी से मिलने गया। 

इत्तफाक कहेंगे या फिर आशु का नसीब, एसएसपी से मुलाकात नहीं हुई। इस बात को खुद एसएसपी ने प्रेसवार्ता में कहा। उसके बाद भी आशु आरोपी विमल चंद को बेनकाब करने के लिए चक्कर काटता रहा। वह अपने स्थानीय थाना लालकुर्ती भी गया। लालकुर्ती थाना पुलिस को भी उसने इसकी जानकारी देकर सुरक्षा मांगी। लेकिन वहां भी किसी ने इस मामले की गंभीरता को समझना गवारा नहीं समझा। 

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मौके से बरामद सामान - फोटो : अमर उजाला

एसएसपी ही देखेंगे सारे मामले तो थानेदार क्यों 
इस घृणित कृत्य की फोटो को एसएसपी ने देखा तो उन्होंने तत्काल क्राइम ब्रांच समेत चार टीमें गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी कराई। अगर एसएसपी सख्ती नहीं करते तो एसओ तो  इस मामले में चुप्पी साधे बैठे ही थे।
और यह हैवान विमल चंद न जाने कितनी मासूम बच्चियों की जिंदगी बर्बाद करता रहता। ऐसे में सवाल यह है कि अगर इस  तरह के मामलों में भी एसएसपी, आईजी और एडीजी के निर्देश पर ही कार्रवाई होगी तो थानेदार क्यों बैठे हैं। 

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आरोपी विमल चंद - फोटो : अमर उजाला

एसओ के खिलाफ लोगों में आक्रोश  
इस हैवान विमल चंद के पैरवी करने और टेक्नीशियन आशु कनौजिया को धमकी का ऑडियो जिसने सुना, वह पुलिस सिस्टम पर सवाल उठा रहा है। इसको लेकर एसओ के प्रति लोगों में गुस्सा भी है। खुलासे को चार दिन बीत गए। लेकिन एसओ पर अभी तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई। चर्चा यह है कि एसओ को जानबूझकर बचाया जा रहा है। लेकिन इस चुप्पी से पुुलिस का इकबाल भी गिर रहा है। पुलिस की छवि भी धूमिल हो रही है। 

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