सहारनपुर में जातीय हिंसा भले ही थम गई हो, लेकिन लोगों में अभी तक दहशत बनी हुई हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण तब देखने को मिला जब शनिवार को आला अफसरों समेत कई सौ पुलिसकर्मियों की मौजूदी में प्रदीप चौहान का अंतिम संस्कार हुआ।
सहारनपुर के ग्राम आसनवाली निवासी प्रदीप चौहान की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन को एक बार फिर शांति भंग होने की आशंका नजर आई। जिसके चलते पूरे गांव को छावनी बना दिया गया। आरएएफ, आरआरएफ और पुलिस के सभी अधिकारियों को गांव में तैनात कर दिया गया। शांतिपूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस एवं प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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सहारनपुर की लाइव तस्वीरें
शुक्रवार की रात को प्रदीप की मौत होने की सूचना जैसे ही पुलिस एवं प्रशासन को लगी, तुरंत ही अधिकारियों को पुलिस बल लेकर गांव में भेज दिया गया। जिससे कोई आक्रोशित होकर हिंसक घटना को अंजाम न दे डाले। सुबह तक पूरा गांव छावनी में तब्दील कर दिया गया। आसपास के थानाध्यक्षों के नेतृत्व में थाना पुलिस गांव में पहुंच गई और चप्पे-चप्पे पर निगरानी शुरू कर दी।
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सहारनपुर में पुलिसफोर्स तैनात
सड़क और कुछ संवेदनशील क्षेत्र में आरएएफ एवं आरआरएफ को लगा दिया गया। जब प्रदीप का शव गांव में पहुंचा तो पूरी सड़क की नाकाबंदी कर दी गई। आरआरएफ ने सड़क को घेर लिया। कड़ी चौकसी बरती गई।
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जिलाधिकारी पीके पांडे और एसएसपी बबलू कुमार बार-बार गांव में जाकर स्थिति के बारे में जानकारी लेते रहे और परिजनों से बात करके सांत्वना देते रहे। प्रदीप के घर के आसपास भी पुलिस की चौकसी रही।