विधानसभा चुनाव में बसपा की हार की समीक्षा बैठक अखाड़ा बन गयी। पूर्व विधायक योगेश वर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रशांत गौतम आपस में भिड़े तो कार्यकर्ता भी उलझ गये। इस दौरान मंडल कोर्डिनेटर और एमएलसी अतर सिंह राव को हटाने की नारेबाजी शुरू करते हुए कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका तो पश्चिम के प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दकी भी चुपचाप खिसक लिये। इस पूरे प्रकरण पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सभी प्रमुख नेताओं को दिल्ली तलब कर लिया है।
बैठक के पहले ही सील हो गया मीट प्लांट
2 of 8
बसपा कार्यालय में नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ लगे नारे
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी की पहली समीक्षा बैठक पार्टी कार्यालय पर हुई। हालांकि यह बैठक पहले हाजी याकूब कुरैशी के मीट प्लांट पर बुलायी गयी थी, लेकिन मीट को लेकर चल रहे बवाल के बीच हाजी याकूब ने अपने यहां बैठक करने में हिचकिचाहट दिखाई। इसके बाद बैठक के लिए हापुड़ रोड पर ही अलीपुर के पास एक दूसरे मीट प्लांट को तय किया गया, लेकिन इससे पहले कि बैठक हो पाती इस पर सील लग गयी। बाद में तीसरा स्थान रोहटा रोड के एक फार्म हाउस को चुना गया, लेकिन यहां भी विरोध की प्रबल संभावना को देखते हुए पार्टी कार्यालय पर ही बैठक का फैसला लिया गया।
नसीमुद्दीन सिद्दकी ने नाराजगी जतायी
मंगलवार को बैठक में जब नसीमुद्दीन सिद्दकी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने खड़े हुए तो एक कार्यकर्ता ने अतर सिंह राव हटाओ का नारा लगा दिया। इस पर नसीमुद्दीन सिद्दकी ने नाराजगी जतायी और कार्यकर्ता को ऐसा करने से रोका। लेकिन पूर्व विधायक योगेश वर्मा बीच में बोल पड़े। उन्होंने कहा कि अतर सिंह राव को नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्हें हटाना चाहिए जिनकी ड्यूटी उत्तरांखंड लगायी गयी थी, लेकिन वहां से हस्तिनापुर आकर मुझे चुनाव हरवाने का काम किया।
बहस हुई और दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गये
योगेश वर्मा के इतना कहते ही वहां मौजूद प्रशांत गौतम भिड़ गये और बोले कि उत्तराखंड का जिक्र क्यों कर रहे हो। उल्लेखनीय है कि प्रशांत गौतम को उत्तराखंड के चुनाव में लगाया गया था और बगैर नाम लिये योेगेश वर्मा का इशारा प्रशांत गौतम की तरफ था। इसके बाद दोनों के बीच जमकर बहस हुई और दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गये। इसके बाद जमकर हंगामे के बीच कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गयी। वहीं एक पक्ष ने अतर सिंह राव के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कार्यालय के बाहर पुतला फूंक दिया।
नसीमुद्दीन सिद्दकी चुपचाप बैठक स्थल से खिसके
5 of 8
पार्टी के पोस्टर जलाते बसपा कार्यकर्ता
कार्यकर्ताओं के आक्रोश और विरोध को देख नसीमुद्दीन सिद्दकी चुपचाप बैठक स्थल से खिसक लिये और हाजी याकूब कुरैशी के साथ भीतर जाकर बैठ गये। बसपा सूत्रों की मानें तो अतर सिंह राव के साथ नसीमुद्दीन सिद्दकी का भी विरोध होना था। इसकी जानकारी भी नसीमुद्दीन को मिल गयी थी और उन्होंने सोमवार से ही प्रमुख नेताओं को फोन कर इस विरोध को शांत करने की कवायद भी शुरू कर दी थी। यही कारण था कि बैठक को भी वह हाजी याकूब कुरैशी के मीट प्लांट पर कराना चाहते थे।