मेरठ जेल के जल्लाद पवन ने निर्भया कांड के चारों दोषियों को अपने हाथों से फांसी देने की इच्छा जाहिर की है। पवन का कहना है कि वह दिल्ली समेत पूरे देश को झकझोर देने वाले इस सामूहिक दुष्कर्म कांड के दोषियों को फांसी देना चाहता है। आगे जानिए और क्या कहा पवन जल्लाद ने...
पवन ने कहा कि निर्भया के दोषियों को जितनी जल्दी हो फांसी दे देनी चाहिए। अगर तिहाड़ जेल प्रशासन मुझे चारों को फांसी देने की इजाजत देता है तो वह इसके लिए तैयार है।
पवन ने कहा, ‘दोषियों को फांसी देने में कतई देरी नहीं करनी चाहिए। अगर तिहाड़ जेल प्रशासन इनकी फांसी के लिए मुझे बुलाता है तो मैं इसके लिए तैयार हूं। मैं दिल्ली जाऊंगा और अपनी ड्यूटी पूरी करूंगा।’ 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में एक चलती बस में 23 साल की निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इसके कुछ दिन बाद 29 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
निर्भया मामले में पुनर्विचार याचिका पर 17 को सुनवाई
निर्भया दुष्कर्म और हत्या मामले के गुनहगारों में से एक अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने इस मामले में चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। अक्षय ने इसके खिलाफ याचिका लगाई है। बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट की साइट पर जारी नोटिस के मुताबिक तीन सदस्यीय पीठ 17 दिसंबर दोपहर दो बजे सुनवाई करेगी।
अक्षय ने अपने वकील के जरिये दाखिल याचिका में कहा है कि प्रदूषण के कारण वैसे ही लोगों की जिंदगी कम हो रही है फिर फांसी देने की क्या जरूरत है। कोर्ट मामले के तीन अन्य दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिका बीते साल जुलाई में खारिज कर चुका है। गौरतलब है कि इन दरिंदों ने 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल छात्रा निर्भया से दुष्कर्म कर उसकी नृशंस हत्या कर दी थी।