मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं द्वारा हनुमत धाम पर कब्जा करने संबंधी इनपुट मिलने से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसपी देहात ने भारी फोर्स के साथ खुद धाम पर डेरा डाल दिया। इसके साथ ही हनुमत धाम जाने वाले सभी मार्गों को सील करते हुए मुख्य दरवाजे को भी बंद करा दिया गया।
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पौराणिक धर्मनगरी शुकतीर्थ में शुक्रवार सुबह करीब छह बजे से ही पुलिस अफसरों व भारी पुलिस बल को देख अफरातफरी मच गई। एसपी देहात आलोक शर्मा खुद फोर्स के साथ मौजूद रहे, जो सीधे हनुमत धाम पहुंचे और वहीं डेरा डाल दिया। हनुमत धाम का मुख्य गेट भी बंद करा दिया गया।
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इसके बाद में एलआईयू इंस्पेक्टर राजेश शर्मा हनुमत धाम के अधिष्ठाता महामंडलेश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज से मिले और उन्हें क्षेत्र के कई गांवों में दलितों द्वारा हनुमत धाम पर कब्जा किए जाने संबंधी इनपुट से अवगत कराया। देखते ही देखते रामराज, जानसठ, फुगाना, ककरौली व भोपा थानों की पुलिस फोर्स के साथ ही पीएसी बल को भी शुकतीर्थ में तैनात कर दिया गया। इसके साथ ही शुकतीर्थ के आंबेडकर चौराहे के निकट स्थित रविदास आश्रम, जाटव आश्रम पर पहरा बैठाते हुए हनुमत धाम जाने वाले सभी रास्तों को भी सील कर दिया गया।
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एडीएम अमित कुमार, एसपी देहात आलोक शर्मा और नायब तहसीलदार पुष्कर नाथ चौधरी खुद सुरक्षा की कमान संभाले रहे। इस दौरान अधिकारियों ने दिन भर गश्त करने के दौरान ही शुकतीर्थ के संत गीतानंद गिरी, गीतानंद तीर्थ व महामंडलेश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज से भी मुलाकात की। हालांकि देर शाम तक किसी के भी शुकतीर्थ नहीं पहुंचने के बाद पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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इस संबंध में पुलिस अधीक्षक देहात आलोक शर्मा ने बताया कि मंदिर में दर्शन करने की अनुमति तो है, लेकिन कब्जे की नहीं। यह तीर्थनगरी है, इसमें राजनीति करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पूजा-अर्चना करना अच्छी बात है, लेकिन अपने स्वार्थ के लिए दूसरे की भावना को ठेस पहुंचाना गलत है। कानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।