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सनसनीखेज: फोन से बरामद 70 पेज की पीडीएफ फाइल में बताया आतंक फैलाने का तरीका, आतंकी का चौंकाने वाला खुलासा
Sun, 14 Aug 2022 09:28 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 14 Aug 2022 09:28 AM IST
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गिरफ्तार आतंकी
- फोटो : अमर उजाला
जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान के संपर्क में रहे मोहम्मद नदीम के फोन से बरामद हुई 70 पेज की पीडीएफ फाइल में आतंक फैलाने का तरीका बताया गया है। इस पीडीएफ फाइल में बारूद इक्कठा करने से लेकर फिदायीन हमले के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। एटीएस के हाथ ऐसे कई अहम सुराग लगे हैं, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कोतवाली गंगोह क्षेत्र के गांव कुंडाकला निवासी नदीम को आतंकियों ने पीडीएफ फाइल भेजकर कहा था कि वह पीडीएफ फाइल में दिए गए निर्देशों को पूरा करे। इसके बाद वह फिदायीन हमले के लिए तैयार हो जाएगा और उसे पाकिस्तान बुलाकर विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी। उसे यह भी बताया जाएगा कि किन-किन जगहों पर कैसे हमले करने हैं। फिलहाल नुपुर शर्मा की हत्या का टॉस्क नदीम को आतंकी संगठनों के आकाओं ने दिया था।
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गिरफ्तार आतंकी
- फोटो : अमर उजाला
आतंक फैलाना था मकसद
नदीम का मकसद देश में आतंक फैलाना था। वह पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों के इशारे पर ही काम कर रहा था। बीते चार सालों से वह देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त था, लेकिन इसकी भनक उसने अपने गांव में रहने वाले साथियों तक को नहीं लगने दी। एटीएस ने उसके भाई तैमूर को भी शक के आधार पर हिरासत में लिया था, लेकिन उसे बाद में छोड़ दिया गया।
नदीम का मकसद देश में आतंक फैलाना था। वह पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों के इशारे पर ही काम कर रहा था। बीते चार सालों से वह देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त था, लेकिन इसकी भनक उसने अपने गांव में रहने वाले साथियों तक को नहीं लगने दी। एटीएस ने उसके भाई तैमूर को भी शक के आधार पर हिरासत में लिया था, लेकिन उसे बाद में छोड़ दिया गया।
गिरफ्तार आतंकी नदीम
- फोटो : अमर उजाला
किसी से मतलब नहीं रखता था नदीम
गांव कुंडाकला निवासी नदीम के जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान के आतंकियों के संपर्क होने का खुलासा होने पर ग्रामीण भी हैरान हैं। नदीम के मामले को लेकर गांव में जगह-जगह चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीण बताते हैं कि नदीम किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता था। वह खेत पर काम में या फिर मोबाइल फोन में व्यस्त रहता था।
गांव कुंडाकला निवासी नदीम के जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान के आतंकियों के संपर्क होने का खुलासा होने पर ग्रामीण भी हैरान हैं। नदीम के मामले को लेकर गांव में जगह-जगह चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीण बताते हैं कि नदीम किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता था। वह खेत पर काम में या फिर मोबाइल फोन में व्यस्त रहता था।
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आतंकी नदीम।
- फोटो : amar ujala
कोतवाली गंगोह क्षेत्र के गांव कुंडाकला निवासी नफीस के दो बेटों नदीम और तैमूर को एटीएस के उठाने और उसके बाद उनमें से नदीम के आतंकी संगठनों से जुड़े होने का खुलासा होने के बाद ग्रामीणों में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीण नदीम के बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहते। ग्राम प्रधान गुलफाम, पड़ोसी बुद्धू ने बताया की वह नदीम काम से काम रखता था। हालांकि, उसको अक्सर मोबाइल फोन में ज्यादा व्यस्त देखा गया।
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नदीम का गांव।
- फोटो : amar ujala
नदीम के मामले का खुलासा होने पर ग्रामीणों का उसके घर पर तांता लगा रहा। ग्रामीणों के जहन में भी अनेक सवाल खड़े हो रहे हैं। कोई ग्रामीण कहता है कि वह सीधा-साधा लड़का था, लेकिन उसके संपर्क आतंकियों से कैसे हो गए, इसका उन्हें भी यकीन नहीं हो रहा है