जीवन साथी हम...दीया और बाती हम.....मेरठ की महिलाओं में छा रहा करवाचौथ का उमंग, जोरो शोरो से कर रही हैं तैयारीयां। इस बार सुहागिनें करवाचौथ का व्रत 13 अक्तूबर को रखेंगी। इस बार यह व्रत विशेष होगा। कई साल बाद करवाचौथ पर रोहिणी नक्षत्र और मंगल का अमृत योग बन रहा है। यह पिया संग प्रेम को बढ़ाएगा और दांपत्य जीवन में खुशहाली लाएगा।
सत्यभामा और मार्कंडेय योग भी बन रहा है जो अन्य योगों की तुलना में शुभकारी है। यह शुभ संयोग भगवान श्रीकृष्ण और सत्यभामा के मिलन के समय बना था। कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी कृत्तिका नक्षत्र में शुरू होकर रोहिणी नक्षत्र में संपन्न होगी। चंद्रोदय रात्रि में रात 08:10 बजे होगा।
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करवाचौथ स्पेशल
- फोटो : amar ujala
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि 27 नक्षत्र चंद्रमा की 27 पत्नियां हैं। इनमें से रोहिणी उन्हें विशेष प्रिय है। उन पर चंद्रदेव अपना सारा प्यार बरसाना चाहते हैं।
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करवाचौथ स्पेशल
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इसलिए रोहिणी नक्षत्र में पत्नी द्वारा पूजा और चंद्र दर्शन पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य और संपन्नता के लिए विशेष फलदायी होता है। इस बार मंगल भी चंद्रमा के अन्य नक्षत्र हस्त में स्थित है। इसलिए अजेय शक्ति भी साथ है। इस दिन सुहागिनें लाल वस्त्र धारण करें। सफेद या काले वस्त्र धारण न करें।
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करवाचौथ स्पेशल
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रोहिणी नक्षत्र के साथ वृष उच्च राशि में चंद्रमा का योग होने के कारण करवाचौथ को अधिक मंगलकारी बना रहा है। इसे अमर सुहाग योग भी कहा जा सकता है। इस योग में भगवान गणेश, चौथ माता व चंद्रमा का पूजन अखंड सौभाग्य और समृद्धि देने वाला है।
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करवाचौथ व्रत की पूजा विधि
सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाएं। निर्जला व्रत का संकल्प लें। करवाचौथ में महिलाएं पूरे दिन जल-अन्न कुछ ग्रहण नहीं करतीं हैं। फिर शाम के समय चंद्र दर्शन कर व्रत खोलती हैं। यह व्रत सूर्योदय से चांद निकलने तक रखा जाता है। चांद को अर्घ्य देने और दर्शन के बाद ही व्रत खोलने का नियम है।