कलिंग उत्कल एक्सप्रेस का सफर कई मुसाफिरों के लिए अंतिम यात्रा बन गई। चारों तरफ खून से लथपथ लोग, चीखती-चिल्लाती महिलाएं और मदद के लिए दौड़ते लोग। शनिवार देर शाम यह वीभत्स नजारा खतौली की उस स्पॉट का है, जहां कुछ देर पहले ट्रेन हादसा हुआ।
...और बन गया जिंदगी का अंतिम सफर, धमाका हुआ और बिखरते चले गए डब्बे
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर, कपिल कुमार
Updated Sun, 20 Aug 2017 01:52 PM IST
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