लखनऊ बाईपास रोड पर चौफेरवा के पास एक कमरे में मां और बेटे के बुधवार शाम खून से लथपथ शव मिले। कुछ दूरी पर चाचा लहूलुहान हालत में पड़ा था। जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी भी रास्ते में सांसें थम गई। एएसपी व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
जांच में पुलिस को बेटे का एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें आत्महत्या के लिए चार लोगों को जिम्मेदार बताया गया है। इसमें लिखा है कि एससी एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी पर चाचा और मम्मी के साथ मजबूर होकर यह फैसला ले रहा हूं। मामले में देर रात पुलिस ने एक अधिवक्ता को हिरासत में ले लिया।
इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में वकील थाने पहुंच गए। सदर कोतवाली क्षेत्र के मुराइनटोला निवासी सुशील श्रीवास्तव ने करीब चार साल पहले पैतृक घर बेच दिया था। इसके बाद वह लखनऊ बाईपास पर एनटीपीसी प्लांट चौफेरवा के पास मकान बनवाकर करीब तीन साल से रह रहे थे।
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मृतक सुशीला श्रीवास्तव की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार में सुशील की पत्नी सुशीला श्रीवास्तव (55), पुत्र अमर श्रीवास्तव (29), भाई सुनील श्रीवास्तव (50) थे। घर में किराने की दुकान भी थी। चाचा-भतीजे किराने के सामान की सप्लाई का काम भी करते थे। सुशील शहर के पीरनपुर में रहने वाली पुत्री दीपिका श्रीवास्तव पत्नी अनमोल के घर दोपहर को गए थे। जहां से दीपिका के फोन से करीब दो बजे बेटे को फोन किया। घंटी जाती रही लेकिन, फोन नहीं उठा। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया। सुशील शाम पांच बजे घर पहुंचे। गेट न खुलने पर वह पड़ोसी कोटेदार जयनारायण के घर की छत से घर में पहुंचे।
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मृतक अमर श्रीवास्तव की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खिड़की से देखा तो कमरे में खून फैला हुआ था और पत्नी, बेटे के शव पड़े थे। पास ही कुर्सी के सहारे सुनील बैठा था। सुनील की सांस चलती होने पर पड़ोसी उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने सुनील को मृत घोषित कर दिया। पुलिस को घटनास्थल पर ब्लेड और सल्फास का एक पाठच खुला पड़ा मिला है। मां और बेटे के गर्दन व हाथ पर कट के निशान थे। डॉक्टर ने बताया कि सुनील के एक हाथ की नस और गर्दन आधी कटी हुई थी। तीनों ने सल्फास खाया है।
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्ज के दबाव में कई साल से छिपकर रह रहा था परिवार
फतेहपुर की सदर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ बाईपास स्थित मकान में रहने वाले सुशील श्रीवास्तव के मकान में हुई घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच में काफी हद तक हालात साफ हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पता लगेगा कि किसने जहर खाया और किसकी मौत ब्लेड के हमले से हुई है।
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शहर में शाम को अचानक घर में सामूहिक हत्याकांड की खबर फैल गई। लोगों की भीड़ जुटने लगी। परिवार नई जगह पर कुछ साल पहले बसा है। इससे परिवार का स्थानीय लोगों से जुड़ाव नहीं था। मूलरूप से परिवार का जुड़ाव मुराइनटोला से है। परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव सीधे और सरल स्वभाव का था।