मेरे लाल...तुम अपने मम्मी-पापा पर दुखों का पहाड़ गिराकर कहां चले गए। अब तुम्हारे मम्मी-पप्पा किसके सहारे जिएंगे। एक बार आंख खोल दो...फिर कभी तुमसे कुछ नहीं मांगूंगी। कोई मेरे लाल को वापस ला दो...बदले में मेरा सबकुछ ले लो। मेरे बच्चे का कोई कुसूर नहीं था। क्यों मार डाला मेरे बच्चे को।
मेरे लाल...तुम कहां चले गए: रोते रोते बेसुध हुई मां, बोली- एक बार आंख खोल दो, फिर कभी तुमसे कुछ नहीं मांगूंगी
दोनों छात्रों के बीच झगड़ा पुराना था
आरोपी छात्र ने सभी वार गले पर किए, ताकि बचने की कोई गुंजाइश न रहे। चाकू से वार करते वक्त वह चिल्ला रहा था, मुझे मार के ज्यादा उड़ रहा था न...ले, अब मार के दिखा। बताया जा रहा है कि दसवीं के इन छात्रों के बीच एक लड़की से दोस्ती को लेकर झगड़ा चल रहा था। इन दोनों छात्रों के बीच झगड़ा पुराना था।
अन्य छात्रों ने झपटकर हमलावर छात्र को पकड़ा
आरोपी छात्र पूरी तैयारी के साथ आया था। उसने बैग से छुपाकर लाए गए सब्जी काटने वाले चाकू से नीलेंद्र तिवारी पर की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। क्लास में मौजूद अन्य छात्र चीखे-चिल्लाए और झपटकर हमलावर छात्र को पकड़कर चाकू छीन लिया। छात्रों का कहना था कि हमलावर छात्र पर सनक सवार थी।
बोले- वो नीलेंद्र के टुकड़े-टुकड़े कर देना चाहता था
वह मानो नीलेंद्र के टुकड़े-टुकड़े कर देना चाहता था। चीखपुकार सुनकर स्कूल प्रबंधक और शिक्षक मौके पर पहुंचे और घायल छात्र को हैलट पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हमलावर छात्र को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
मजाक में गाली दी थी...उसने लड़के लगा दिए...इसलिए कर दी हत्या
नीलेंद्र की हत्या करने के आरोपी छात्र ने पुलिस को बताया, मैंने मजाक में उसे गाली दी थी। नीलेंद्र कुछ ज्यादा ही गंभीर हो गया और मेरे पीछे लड़के लगवा दिए...इसी खुन्नस में उसे मार डाला। पूछताछ में उसकी यह बात सुनकर सुनकर पुलिस भी कुछ पल के लिए सकते में आ गई।