डायबिटीज एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को प्री कांफ्रेंस सिम्पोसिया आरएसएसडीआई यूपीकॉन-2017 का आगाज कानपुर में हुआ। देश के जाने माने डॉक्टरों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। सेमिनार के पहले दिन सेक्स और डायबिटीज विषय पर चर्चा हुई।
मुंबई से आए जाने माने सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. दीपक जुमानी ने बताया कि कई बार मन अच्छा नहीं होता। इस वजह से सेक्स में सफलता नहीं मिलती। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को आभास होने लगता है कि वह नपुंसकता का शिकार हो रहा है, जबकि यह सच नहीं है।
मन को सकारात्मक दिशा देकर सेक्स का आनंद लिया जा सकता है। डॉ. आरके महेंद्रू ने बताया कि मन का आपसी रिश्तों में बड़ा योगदान है। डॉ. ऋषि शुक्ला ने बताया कि किसी युगल के जीवन में हार्मोंस का भी महत्वपूर्ण प्रभाव होता है।
टेस्टोस्टिरोन नामक हार्मोन की कमी से कामेच्छा में कमी आने लगती है। डायबिटीज रोग से ग्रस्त 50 - 60 फीसदी महिलाओं और 40 फीसदी पुरुषों को सेक्स संबंधी समस्याएं हो जाती हैं। कार्यक्रम से पहले ‘शोध को कैसे समझें’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन हुआ।
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प्री कांफ्रेंस सिम्पोसिया आरएसएसडीआई यूपीकॉन-2017
इस कार्यक्रम में कानपुर, जीएसवीएम मेडिकल कालेज की मेडिसिन विभाग की एचओडी डॉ. रिचा गिरी, लखनऊ से डॉ. अजीत सहाय, डॉ. नवनीत बाधवा, डॉ. अनुराग ठुकराल ने संबोधित किया। कार्यक्रम में डॉ. नंदिनी रस्तोगी, डॉ दीपक याज्ञनिक, डॉ. भास्कर गांगुली, डॉ. संगीता शुक्ला, डॉ. ब्रिज मोहन, डॉ. आरके वर्मा, डॉ. आशीष गौतम आदि मौजूद रहे।