{"_id":"5a8c1dc64f1c1bd04b8b6a8b","slug":"rajeev-nigam-artist-from-kanpur","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कभी गलियों में माइक लेकर करता था दो समोसे और एक चाय के लिए प्रचार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कभी गलियों में माइक लेकर करता था दो समोसे और एक चाय के लिए प्रचार
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 20 Feb 2018 06:52 PM IST
विज्ञापन
राजीव निगम
कॉमेडी और एक्टिंग करने का शौक बचपन से ही था। सर्वोदय विद्यालय में कक्षा आठ में जब पढ़ता था तो राजनीतिक पार्टी के प्रचार- प्रसार के लिए माइक लेकर गोविंदनगर, किदवई नगर, चकेरी की गलियों में घूमा करता था। वो भी सिर्फ दो समोसे और एक चाय के लिए।
Trending Videos
राजीव निगम
अमर उजाला से खास बातचीत में बचपन के इस किस्से को यशोदा नगर निवासी मशहूर कॉमेडियन राजीव निगम ने याद किया। बताया कि छोटे परदे पर कॉमेडी का सफर बतौर लेखक शुरू हुआ था। वह 26 फरवरी को स्टार प्लस पर शुरू हो रहे सीरियल ‘हर शाख पर उल्लू बैठा है’ में मुख्य किरदार में नजर आएंगे।
राजीव निगम
कैनाल रोड के मारवाड़ी इंटर कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के दौरान वे एकता संस्था के साथ जुड़कर थियेटर किया करते थे। कोर्स खत्म होते ही उन्होंने मुंबई का रुख किया और आज कई बड़े शो में अपना हुनर दिखा रहे हैं। राजीव बताते हैं कि कानपुर में उन्होंने जो कुछ भी सीखा, उसने कॅरियर में खासा मदद की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजीव निगम
कानपुर में जब वे राजनीतिक पार्टी की कैंपेनिंग किया करते थे तो किस तरह नेता काम करते हैं, शाम को पार्टी कार्यालय में किस तरह से बातों की मौज ले जाती है; ये सब उन्होंने यही से सीखा। यही वजह है कि इस नए शो में जो नेता का किरदार निभा रहे हैं, उसमें वे खासा तड़का लगा पा रहे हैं।
विज्ञापन
राजीव निगम
राजीव बताते हैं कि उनको बचपन से ही लिखने का शौक था। पहला बड़ा शो उन्होंने वर्ष 1998 में मूवर्स एंड शेखर्स लिखा था। इसके बाद लेखक राजीव निगम ने कॉमेडियन बनने का सफर तय किया। वर्ष 2006 में उन्होंने लाफ्टर चैलेंज शो किया। इसके बाद कॉमेडी सर्कस, कॉमेडी नाइट विद कपिल और अब हरा शाख पर उल्लू बैठा में नजर आएंगे। यह धारावाहिक राजनीति और राजनीतिज्ञों पर व्यंग्य करेगा।