लखनऊ-कानपुर हाईवे पर उन्नाव जिले के अजगैन थानाक्षेत्र में पक्षी विहार के निकट तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार गुरुवार सुबह करीब 5 बजे घने कोहरे में आगे चल रहे अज्ञात वाहन से जा भिड़ी। हादसे में कार सवार नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख के भतीजे, उसकी पत्नी व करीब एक माह की दुधमुंही बच्ची की मौत हो गई। युवक पत्नी व बच्ची के साथ फिरोजाबाद स्थित ससुराल जा रहा था। घर से एक किलोमीटर की दूरी पर ही हादसे का शिकार हो गया।
नवाबगंज कस्बा निवासी हर्षवर्धन सिंह उर्फ लकी (28) पुत्र बालेंद्र सिंह उर्फ पप्पू गुरुवार सुबह पांच बजे अपनी फॉर्च्यूनर कार से अपनी ससुराल फिरोजाबाद जाने के लिए घर से निकले थे। उनकी पत्नी रिशा व एक माह की बेटी कार में थी। घर से करीब एक किमी दूर लखनऊ-कानपुर हाईवे पर पक्षी विहार के पास किसी वाहन से टक्कर इतनी तेज हुई कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में हर्षवर्धन, रिशा व बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने हाईवे पर पुलिया के पास दुर्घटनाग्रस्त कार को सड़क से किनारे हटवाकर परिजनों को सूचना दी। लोगों की मदद से कार में फंसे तीनों शवों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नवाबगंज चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार यादव के अनुसार गुरुवार सुबह घना कोहरा था। हो सकता है कि कोहरे की वजह से ही कार आगे चल रहे किसी वाहन से टकरा गई हो। नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख अरुण सिंह के अनुसार हर्षवर्धन के साले राहुल की पत्नी ने बुधवार रात बेटे को जन्म दिया था। नवजात को देखने के लिए हर्षवर्धन पत्नी के साथ ससुराल जा रहे थे।
नवाबगंज कस्बा निवासी हर्षवर्धन को सुबह करीब पांच बजे पत्नी व बच्ची को लेकर घर से एक किलोमीटर की दूरी तक पहुंचने में मात्र दो मिनट का समय लगा। इसी दौरान उसकी फॉर्च्यूनर कार पक्षी विहार के निकट आगे चल रहे वाहन से भिड़ गई। घर से निकलते वक्त रिशा को मायके में भतीजे के आने से खुश थी, परिजनों ने सुबह खुशी-खुशी तीनों को विदा किया था लेकिन एक ही पल में खुशी मातम में बदल गई।
जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त घना कोहरा भी था। मौके पर लोगों की जुटी भीड़ ने गाड़ी नंबर से हर्षवर्धन की पहचान कर नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख अरुण सिंह को सूचना दी। मौत की सूचना पर एक बार परिजनों को विश्वास ही नहीं हुआ। पुष्टि के लिए उन्होंने हर्षवर्धन का मोबाइल नंबर मिलाया। फोन न उठने पर उन्हें शक हुआ और वह मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर उन्हें हर्षवर्धन, बहू रिशा व नवजात बच्ची के शव सड़क पर खून से लथपथ मिले। हादसे में तीन की मौत होने से घर में कोहराम मच गया। परिजनों के अलावा करीबी रिश्तेदारों की घर व पोस्टमार्टम हाउस में भीड़ उमड़ने लगी। दोपहर 12 बजे पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी के बाद परिजनों को दंपति व मासूम बच्ची के शव सुपुर्द कर दिए गए थे। परिजनों ने गंगाघाट पर पति पत्नी व बच्ची का अंतिम संस्कार किया।