नोटबंदी का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा। महीने का दूसरे शनिवार की छुट्टी में बैंक बंद रहे। रुपये की निकासी के लिए लोग एटीएम पर निर्भर थे लेकिन दोपहर बाद यूपी के औरैया जिले में शहर के एक-दो एटीएम को छोड़कर बाकी में पैसा नहीं रहा, जिससे उपभोक्ताओं के हाथ मायूसी लगी।
पिछले दो माह से बैंक भी कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं। इसकी सीधा असर एटीएम पर होता दिख रहा है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि जब बैंक के पास ही पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं हो पा रहा तो एटीएम में डालने के लिए रुपये कहां से आएंगे। बैंकों में रुपये की निकासी में तेजी आई है। जमा होने की गति धीमी है। इसे भी कैश की किल्लत का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
आरबीआई में पर्याप्त मात्रा में नोट की छपाई न होना भी एक कारण बताया जा रहा है। शहर में कुल 16 एटीएम हैं। दोपहर बाद सुभाष चौक स्थित आईसीआईसीआई, स्टेट बैंक, यमुना रोड स्थित सेंट्रल बैंक, कारपोरेशन बैंक, जिला जजी स्थित बैंक आफ बड़ौदा, कानपुर रोड स्थित एचडीएफसी, आईबीडीआई व बैंक आफ इंडिया के एटीएम बंद रहे। इससे रुपये निकालने को लेकर लोगों को खासी असुविधा हुई।
शिक्षक किशोर गुप्ता ने बताया कि बाहर जाना है, रुपयों की सख्त जरूरत है लेकिन शहर के एटीएम बंद पड़े हैं। एचडीएफसी बैंक पर रुपये निकालने आए विकास दीक्षित खासे नाराज दिखाई दिए। उनका कहना है कि जब रुपये डालने की व्यवस्था नहीं है तो एटीएम खोलने का भी कोई अधिकार नहीं होना चाहिए।