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Manish Gupta Murder: हत्यारोपी पुलिसकर्मी बोले- दबिश दी थी, हमने कुछ नहीं किया, गिरकर हुई मनीष की मौत
Mon, 11 Oct 2021 10:27 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर/गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर/गोरखपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 11 Oct 2021 10:27 AM IST
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मनीष गुप्ता हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
मनीष गुप्ता हत्याकांड के आरोपी इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा ने एसआईटी की पूछताछ में वारदात नहीं कबूली है। दोनों इसी दावे पर अड़े रहे कि पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी थी। चेकिंग के दौरान मनीष नशे में थे। वह अपने आप गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में दोनों खुद को निर्दोष बताने में ही जुटे रहे। हालांकि, एसआईटी ने जो पुख्ता साक्ष्य रखे, उनके वह जवाब नहीं दे सके। गुनाह कबूल न करना बताता है कि आरोपी पुलिसकर्मी कितने बेखौफ और निश्चिंत हैं। एसआईटी के सूत्रों के मुताबिक, जेएन सिंह ने कहा कि उस रात संदिग्धों के होटल में ठहरने की सूचना मिली थी। इसलिए पूरी टीम के साथ दबिश दी गई थी। कमरे में सभी से पूछताछ कर पहचान पत्र देखे जा रहे थे। उसी दौरान नशे की हालत में मनीष गिर गए। इसके बाद जेएन सिंह और उसकी टीम मनीष को लेकर अस्पताल पहुंची, जहां उनकी मौत हो गई।
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मृतक व्यापारी मनीष गुप्ता व मानसी अस्पताल के बाहर मौजूद पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
कोई गुनाह नहीं किया तो क्यों हुए फरार
जेएन सिंह और अक्षय दोनों का कहना था कि वे बेकसूर हैं। इस पर एसआईटी ने पूछा कि कोई गुनाह नहीं था तो फरार क्यों हुए? दो घंटे तक गाड़ी में मनीष को डालकर इधर-उधर घूमते क्यों रहे? अफसरों को जानकारी क्यों नहीं दी? जैसे तमाम सवालों के आरोपी जवाब नहीं दे सके। एसआईटी ने उनको एक-एक फुटेज दिखाकर भी पूछताछ की। पूछताछ लगातार जारी है। सेामवार को आरोपी कोर्ट में पेश किए जाएंगे। एसआईटी इनको बाद में कस्टडी रिमांड पर भी लेगी।
जेएन सिंह और अक्षय दोनों का कहना था कि वे बेकसूर हैं। इस पर एसआईटी ने पूछा कि कोई गुनाह नहीं था तो फरार क्यों हुए? दो घंटे तक गाड़ी में मनीष को डालकर इधर-उधर घूमते क्यों रहे? अफसरों को जानकारी क्यों नहीं दी? जैसे तमाम सवालों के आरोपी जवाब नहीं दे सके। एसआईटी ने उनको एक-एक फुटेज दिखाकर भी पूछताछ की। पूछताछ लगातार जारी है। सेामवार को आरोपी कोर्ट में पेश किए जाएंगे। एसआईटी इनको बाद में कस्टडी रिमांड पर भी लेगी।
मनीष हत्याकांड: मीनाक्षी ने अपनी आखिरी बातचीत की फोटो शेयर की।
- फोटो : अमर उजाला।
बीमारी के बहाने हुए थे फरार
मनीष गुप्ता हत्याकांड के बाद थाने की जीडी (जनरल डायरी) में इंस्पेक्टर जेएन सिंह ने पहले दरोगा अक्षय मिश्रा को बीमार बताकर रवाना किया था। इसके बाद खुद बीमारी के बहाने फरार हो गया था। पूछताछ में सामने आया कि वह मामले को हादसा साबित करना चाहता था। लेकिन, मामले ने तूल पकड़ लिया और एसआईटी की जांच में जेएन सिंह एंड कंपनी के सारे झूठ पकड़ लिए गए। सीन रीक्रिएट, 35 लोगों के बयान के बाद इसके पुख्ता सबूत एसआईटी के हाथ लग गए थे कि 27 सितंबर की रात में होटल कृष्णा पैलेस के कमरे में मारपीट हुई थी। खुद को फंसते देख ही रविवार को जेएन सिंह और अक्षय कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में थे। केस में और न फंसे इसलिए सरकारी रिवाल्वर व सीयूजी नंबर भी जमा करके दोनों गए थे।
मनीष गुप्ता हत्याकांड के बाद थाने की जीडी (जनरल डायरी) में इंस्पेक्टर जेएन सिंह ने पहले दरोगा अक्षय मिश्रा को बीमार बताकर रवाना किया था। इसके बाद खुद बीमारी के बहाने फरार हो गया था। पूछताछ में सामने आया कि वह मामले को हादसा साबित करना चाहता था। लेकिन, मामले ने तूल पकड़ लिया और एसआईटी की जांच में जेएन सिंह एंड कंपनी के सारे झूठ पकड़ लिए गए। सीन रीक्रिएट, 35 लोगों के बयान के बाद इसके पुख्ता सबूत एसआईटी के हाथ लग गए थे कि 27 सितंबर की रात में होटल कृष्णा पैलेस के कमरे में मारपीट हुई थी। खुद को फंसते देख ही रविवार को जेएन सिंह और अक्षय कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में थे। केस में और न फंसे इसलिए सरकारी रिवाल्वर व सीयूजी नंबर भी जमा करके दोनों गए थे।
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मनीष हत्याकांड: कमरे से बाहर लेटे मनीष को तौलिया लेकर देते दरोगा।
- फोटो : अमर उजाला।
थाने के बाहर आम लोगों में दिखा गुस्सा, बोले- मिलेगी किए की सजा
मनीष की हत्या के आरोपी जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा की गिरफ्तारी की खबर रविवार शाम जैसे ही आम हुई, लोग रामगढ़ताल थाने पहुंचने लगे। हर कोई दोनों आरोपियों को देखना चाह रहा था, लेकिन कमरे में होने की वजह से कोई उन्हें देख नहीं पा रहा था। कई लोग कह रहे थे कि इन्हें इनके किए की सजा मिल रही है। अपनी करतूत की वजह से आज अपने ही थाने में आरोपित हो गए हैं।
मनीष की हत्या के आरोपी जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा की गिरफ्तारी की खबर रविवार शाम जैसे ही आम हुई, लोग रामगढ़ताल थाने पहुंचने लगे। हर कोई दोनों आरोपियों को देखना चाह रहा था, लेकिन कमरे में होने की वजह से कोई उन्हें देख नहीं पा रहा था। कई लोग कह रहे थे कि इन्हें इनके किए की सजा मिल रही है। अपनी करतूत की वजह से आज अपने ही थाने में आरोपित हो गए हैं।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
जेएन सिंह का विवादों से पुराना नाता
जेएन सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। पिछले चार साल में ही उस पर तीन बार हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे। बताया जाता है कि एनकाउंटर की वजह से उसे आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला था। वह सिपाही से इंस्पेक्टर बन गया था। दो मामलों में तो वह किसी तरह बच निकला था, लेकिन मनीष हत्याकांड में फंस गया।
- जेएन सिंह पर बांसगांव इंस्पेक्टर रहने के दौरान सात नवंबर 2020 को शुभम उर्फ सोन कुमार की पिटाई से मौत का आरोप लगा था।
- 13 अगस्त को रामगढ़ताल पुलिस पर 20 वर्षीय गौतम सिंह की कस्टडी में मौत का आरोप लगा था।
- अब जेएन सिंह पर मनीष की हत्या का आरोप लगा है।
जेएन सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। पिछले चार साल में ही उस पर तीन बार हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे। बताया जाता है कि एनकाउंटर की वजह से उसे आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला था। वह सिपाही से इंस्पेक्टर बन गया था। दो मामलों में तो वह किसी तरह बच निकला था, लेकिन मनीष हत्याकांड में फंस गया।
- जेएन सिंह पर बांसगांव इंस्पेक्टर रहने के दौरान सात नवंबर 2020 को शुभम उर्फ सोन कुमार की पिटाई से मौत का आरोप लगा था।
- 13 अगस्त को रामगढ़ताल पुलिस पर 20 वर्षीय गौतम सिंह की कस्टडी में मौत का आरोप लगा था।
- अब जेएन सिंह पर मनीष की हत्या का आरोप लगा है।