दोस्तों ई पुलवामा आतंकी हमले मा उत्तर प्रदेश केर 12 जवान शहीद भये हैं.. जेमा से एक हमार उन्नाव वाली चाची केर लरिका रहा.. परसों ओकी मिटटी आई रही गांव मा.. तो हमरी चाची रोवत रोवत कहत रहीं कि हमका याद आय जब हमार लरिका सेना मा भर्ती खातिर फारम भरिस रहै..
गांव के तीन अउर लरिका फारम भरिन रहैं.. पर बाकी के सब लरिका फेल हुई गे रहैं.. कोऊ केर लम्बाई कम रही.. कौनो का वजन कम रहा.. कोऊ केर सीना कम .. हमार लरिका सबै चीज मा पास हुई गवा.. काहे से ओकी सब चीज पूरी रही.. आज हमार वही लरिका केर मट्टी तिरंगा मा लपेट के उई अफसर लोगे भेजिन हैं.. तो ओका आधा सरीर आवा है..
हम कहित है कि जब तुम लोगे कम नाही लिये रहेव तो अब हम कइसे कम लई ली.. हमका हमार बिटवा पूरा चाहि.. हमार लरिका हमका पूरा वापस देव दोस्तों ई घटना से हम बहुत दुखी हन.. बल्कि हम का पूरा देस दुखी है.. हमका सबसे जादा गुस्सा आवत है उन लोगन पर जौन लोग ई आतंकवादीयन खातिर नरम पहलु रक्खत हैं.. जौन अइसे मौके पे भी अमन, बचाव अउर शान्ति केर राग अलापत हैं..
अइसे नेतावन का पहिली फुरसत मा टाइम निकारि के कोने मा लई जाय के बोरा उढ़ाय के कायदे से हौंके का चाहि.. उई चाहे गुलाम नबी आजाद होंय.. चाहे फारूक अब्दुल्ला होंय.. महबूबा मुफ्ती होंय या नवजोत सिंह सिद्धू.. ई लोग आपन देस के साथ चिकाई करि रहे हैं.. कई लोगे सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक केर सबूत मांगत रहे.. अईस लोगन का तो अईस तबियत से सुताई कीन जाय कि ससुर तीन कलर मा मूते लागें..
पहिले तलाशी लेवे पर महबूबा मुफ्ती बवाल काट दीस.. कि सेना हमरे कश्मीरी लोगन का परेसान करत है। एके बाद कश्मीर मा गाड़ियन केर चेकिंग बंद हुई गे.. अउर यही सबसे बड़ी वजह बनि गे ई पुलवामा अटैक केर.. दोस्तों सबसे जादा खतरा हम लोगन का देस के अन्दर छिपे भये देसद्रोहियों अउर गद्दारन से है..