बेराेजगारी की मार झेल रहे 20 साल के एक युवक ने राष्ट्रपति अाैर उपराष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की है। नाैकरी ना मिलने से आहत कल्याणपुर के युवक की गुहार के बाद राष्ट्रपति भवन से री-ट्वीट कर आईजी रेंज व कानपुर पुलिस को इस मामले की जांच करने के अादेश दिए हैं।
माती मुख्यालय में तैनात कल्याणपुर-पुराना शिवली रोड निवासी दरोगा सुनील सक्सेना का छोटा बेटा नवनीत स्नातक और आईटीआई से फिटर करने के बाद पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा है। उसका कहना है कि कड़ी मेहनत और अच्छे नंबर लाने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही है। नवनीत ने बताया कि पिछले साल बड़े भाई राहुल के डेढ़ अंक कम होने के कारण उसे नौकरी नहीं मिल पाई।
नवनीत का कहना है कि सरकारी व्यवस्थाअाें से इतना तंग हाे चुका है कि उसे अब भविष्य अंधकारमय दिखने लगा है। अब जीने का कोई उद्देश्य नहीं बचा है। नाैकरी ना मिलने से परेशान नवनीत ने सोमवार सुबह राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति को ट्वीट कर इच्छा-मृत्यु की मांग की है। नवनीत के ट्वीट पर राष्ट्रपति भवन से री-ट्वीट कर आईजी से मामला जांच करने को कहा गया है। नवनीत ने बताया एसएसपी ऑफिस के पीआरओ सेल से उसके पास फोन आया था। व्यस्तता के चलते बात नहीं हो सकी।
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने 'निष्क्रिय इच्छामृत्यु' और 'लिविंग विल' को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दे दी है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि मरणासन्न व्यक्ति को यह अधिकार होगा कि कब वह आखिरी सांस ले। कोर्ट ने कहा कि लोगों को सम्मान से मरने का पूरा हक है।